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ग्रामीणों ने किया खजुरिया चौराहे पर चक्का जाम

Wed, 04 Feb 2015 11:03 PM IST
खजुरिया
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एसएसबी की नेपाल से आ रहे गन्ना भरे वाहनाें को पकड़ने की कार्रवाई को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने खजुरिया चौराहे पर चक्का जाम कर पकड़े गए बैलों को ले जा रहे वाहन को घेर लिया। सूचना पर एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। घंटों चली वार्ता के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर बैलों को उनके स्वामियों की सुपुर्दगी में दिया, जिसपर ग्रामीण शांत हुए।
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मंगलवार को एसएसबी ने पिलर संख्या 208 और 09 के बीच भानपुरी खजुरिया निवासी रामनरेश, मुन्ना, जंगली और सुरेश की नेपाल से लाई गई गन्ना भरी बैलगाड़ियों को पकड़ लिया था। ग्रामीणों का कहना था कि वह किराए पर गन्ना लेकर आ रहे हैं। एसएसबी ने पकड़े गए लोगाें को तो छोड़ दिया लेकिन बैलगाड़ियों और गन्ने को अपने कब्जे में ले लिया था। बुधवार सुबह एनपीसीए पशु आश्रम गृह एवं चिकित्सालय से एसएसबी का एक वाहन इन पशुओं को लेकर पलिया के लिए रवाना हुआ तो तमाम ग्रामीणों ने उसे खजुरिया चौराहे के पास रोक लिया और वहीं चक्का जाम कर प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर सीओ रामआसरे सिंह और नायब तहसीलदार राजू कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नाराज लोगों को मनाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य ऋषिकेश सिंह, प्रधान कमलापुरी रवि, प्रधान गोविंदनगर लल्लन गौड़, प्रधान बसही अवनीश सिंह, पूर्व प्रधान रामदीन, प्रधान पति प्रभुनाथ, मनोज गुप्ता, कुतुबुद्दीन अंसारी, धीरेंद्र त्रिपाठी, दिग्विजय सिंह, गुरुमीत सिंह आदि ने आरोप लगाया कि एसएसबी आए दिन उत्पीड़न कर रही है। इस बीच एसडीएम भी मौके पर पहुंचे गए और लोगों की बात सुनी। इसके बाद एसएसबी कमाडेंट से फोन पर वार्ता की लेकिन उन्होंने कुछ भी छोड़ने से इनकार कर दिया। लोगों के राजी न होने पर एसडीएम ने पकड़े गए पशुओं को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया और पुलिस ने उनके स्वामियों को सौंप दिया। एसडीएम ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर लोग माने और दोपहर करीब तीन बजे चक्का जाम समाप्त कर एक तहरीर पुलिस को दी।
एसडीएम, पलिया एसपी सिंह ने बताया कि एसएसबी कमांडेंट से वार्ता हुई है, लेकिन उन्होंने कुछ भी छोड़ने से इंकार कर दिया। डीएम के आने पर ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को उनके समक्ष ले जाया जाएगा और ग्रामीण समस्याएं बताएंगे। मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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