ट्रेनों में महिलाओं से छेड़छाड़, सीटों पर कब्जे को लेकर होने वाली मारपीट, पर्स, नगदी लूटने आदि मामलों में जीआरपी अब पीड़ितों से ट्रेनों में ही तहरीर लेकर उसकी रिसीविंग देगी। बाद में उसी तहरीर के आधार पर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन की जाएगी। रविवार से ट्रेनों में चलने वाली एस्कॉर्ट के पास एक-एक बुकलेट मौजूद रहेगी।
अभी तक ट्रेन में अपराध होने पर पीड़ित अगले जीआरपी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराता था, लेकिन अब ट्रेन के साथ चलने वाले एस्कॉर्ट टीम को ही यात्री तहरीर देकर रिसीविंग ले सकते हैं। तहरीर लेकर सिपाही संबंधित अपराध की छानबीन करेंगे। बाद में इस तहरीर के आधार पर ही संबंधित जीआरपी थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इस संबंध में जीआरपी थाने के 10 सिपाहियों को लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में यात्रियों की तहरीर पर कार्रवाई करने को प्रशिक्षित किया गया है। जीआरपी के मुताबिक ऐशबाग-मैलानी रूट पर 52244, 52245, 52246 और 52247 पैसेंजर ट्रेनों में एस्कॉर्ट चलेगी। जीआरपी थाने से रवाना होने वाला पहली एस्कॉर्ट टीम सुबह के समय लखीमपुर से पलिया जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में होगी। जबकि दूसरी टीम दोपहर और शाम के समय बांकेगंज, फरधान और झरेखापुर से गुजरने वाली ट्रेनों में मौजूद रहेगी। एसओ जीआरपी चेतराम वर्मा ने बताया कि ट्रेनों के लिए थाने से दो एस्कॉर्ट टीमें दिनभर अलग-अलग ट्रेनों में चलती हैं। रविवार से दोनों टीमों को एक-एक बुकलेट देकर रवाना किया जाएगा। इससे यात्रियों को अब यात्रा छोड़कर रिपोर्ट लिखाने के लिए थानों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।