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Lakhimpur Kheri News: जिप्सी चालकों के साथ स्टे संचालकों को रोजगार दे गया पर्यटन सत्र

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दुधवा में सैलानियों की जिप्सी के आगे बैठे बाघ। फाइल फोटो
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पलियाकलां (खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र मंगलवार की शाम बंद कर दिया गया। इस साल सैलानियों को दुधवा में स्वच्छंद विचरण करते बाघ, गैंडा व हाथियों ने निराश नहीं किया। बीते तीन साल की तुलना में पर्यटक भी दो गुना से अधिक पहुंचे, इससे जिप्सी चालकों, गाइडों व स्टे संचालकों को बेहतर रोजगार मिला।
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दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों की संख्या में साल दर साल बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पर्यटन सत्र 2020-21 में दुधवा में 20772 देशी व नौ विदेशी सैलानी पहुंचे थे। इस साल पार्क ने 35 लाख सात हजार 201 रुपए का राजस्व प्राप्त किया था।
पर्यटन सत्र 2021-22 में दुधवा का जंगल घूमने के लिए 29179 देशी व 47 विदेशी सैलानी पहुंचे थे। इस साल दुधवा ने 55 लाख 28 हजार 815 रुपए का राजस्व प्राप्त किया। 2022-23 के पर्यटन सत्र में दुधवा में 26730 देशी व 1601 विदेशियों के पहुंचने से राजस्व एक करोड़ 45 लाख से ज्यादा पहुंच गया। इस साल 2023-24 के पर्यटन सत्र में पार्क में 51 हजार 11 देशी व 334 विदेशी सैलानी पहुंचे, जिनसे पार्क ने एक करोड़ 39 लाख 73 हजार से ज्यादा का राजस्व 15 नवंबर 2023 से 25 जून 2024 तक प्राप्त किया है।
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बाघ और गैंडों को तलाशती रहीं सैलानियों की निगाहें
दुधवा नेशनल पार्क का भ्रमण करने आए सैलानियों की निगाहें बाघ और गैंडों को तलाशती रहीं। हाथी सफारी का भी आनंद लेने के लिए सैलानी पहुंचे थे। हाथियों पर सवार होकर गैंडों को देखा था। एक सींग वाला गैंडा दुधवा की खास पहचान है, नजदीक से गैंडों को देख सैलानियों में काफी उत्सुकता दिखी। बाघों को अपनी जिप्सियों के सामने देखकर सैलानी अचंभित रह गए। इसका कारण यह रहा कि पिछले चार सालों में दुधवा में सैलानियों की संख्या इस वर्ष सबसे ज्यादा रही।





देर शाम एफडी की मौजूदगी में बंद हुआ पर्यटन सत्र

दुधवा का पर्यटन सत्र देर शाम को एफडी ललित कुमार वर्मा, डीडी डाॅ. रंगाराजू टी की मौजूदगी में बंद किया गया। पहले अधिकारियों ने मंगलवार को सफारी की बात कही थी, लेकिन जंगली रास्तों के बारिश में खराब होने की बात कहते हुए अधिकारियों ने मंगलवार को सैलानियों को जंगल सफारी नहीं कराई। मंगलवार की सुबह जब सैलानी जंगल सफारी के लिए रिसेप्शन पर बुकिंग कराने पहुंचे तो वहां से किसी तरह की कोई बुकिंग नहीं की गई। इस वजह से वह जंगल में नहीं जा सके। फील्ड डायरेक्टर ने भी मंगलवार को सफारी कराने की बात मीडिया से कही थी।



नन्ही गौरी व उसकी देखभाल करने वाली दुर्गा ने भी किया आकर्षित
इस बार के पर्यटन सत्र में भी सैलानियों को नन्ही गौरी व उसकी देखभाल करने वाली दुर्गा हथिनी ने भी काफी आकर्षित किया। सलूकापुर में हाथी सफारी करने पहुंचे सैलानियों ने इन दो हथिनियों को प्यार से पुचकारा। महावत इरशाद ने दुर्गा से सैलानियों को आशीर्वाद भी दिलाया और पैरों पर बैठाकर सलाम करना भी बताया। जिससे सैलानी इन दोनों के प्रति खासे आकर्षित दिखाई दिए।



दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन सत्र को मानसून सत्र के तहत बंद कर दिया है। 15 नवंबर को दोबारा से पर्यटन सत्र का आगाज किया जाएगा। इस बार बेहतर ढंग से सैलानियों का पार्क का भ्रमण कराने के लिए चर्चा की जाएगी। इन बंद दिनों में जंगल के रास्तों व पेट्रोलिंग को तेज करते हुए जंगल पर वनकर्मी अपनी पैनी नजर रखने का काम करेंगे। - डाॅ. रंगाराजू टी, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क

दुधवा में सैलानियों की जिप्सी के आगे बैठे बाघ। फाइल फोटो

दुधवा में सैलानियों की जिप्सी के आगे बैठे बाघ। फाइल फोटो

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