फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: चार महीने तक खेत में बनी मांद में रहती रही बाघिन

विज्ञापन
बांकेगंज से सटे इमलिया गांव के गन्ने खेत में बनी बा​घिन की मांद।
विज्ञापन
बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला पश्चिम रेंज जंगल के इमलिया गांव से सटे एक गन्ने के खेत में बनी मांद में बाघिन चार महीने तक रहती रही। इसकी भनक न गांव वालों को लगी न वन विभाग को। गन्ना कट जाने के बाद किसानों को खेत में जब 20 फिट लंबी मांद दिखाई पड़ी तो उसके होश उड़ गए। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण मांद देखने पहुंचे।
विज्ञापन

बांकेगंज से चार किलोमीटर दूर इमलिया गांव निवासी लियाकत अंसारी के गन्ने के खेत में जंगल से निकली एक बाघिन ने डेरा जमा लिया। बाघिन ने इसी खेत में दो शावकों को जन्म दिया। शावकों की सुरक्षा के लिए गन्ने खेत में बनी 20 फिट लंबी और चार फुट गहरी मांद में चार महीने तक रहती रही। इस दौरान बाघिन खेतों में घूमने वाले छुट्टा पशुओं का शिकार करती रही और ताल-तलैयों का पानी पीकर अपनी प्यास बुझाती रही।
इसकी जानकारी किसान को तब हुई जब खेत का गन्ना कट गया। ग्रामीणों का दावा है कि गन्ना कट जाने के बाद उसने अपनी मांद छोड़ दी और आधा दर्जन से अधिक गांव की आबादी से सटी झाड़ियों में छिपकर रहने लगी। शुक्रवार को यह बाघिन झाड़ियों में छिपी हुई दिखाई दी थी। इस पर गोला वन विभाग की टीम ने जेसीबी ले जाकर किसी तरह बाघिन को खदेड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन अभी भी आबादी से सटे खेतों में छिपी है। जिससे लोगों में दहशत है। बाघिन हमले के डर से किसान खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं, उनकी खेती-बाड़ी चौपट हाे रही है।
विज्ञापन

चार महीने में आक्रामक रही बाघिन
इमलिया गांव से सटे गन्ने के खेत में मांद बनाकर प्रवास करने के दौरान बाघिन ने कई लोगों पर हमला किया है। कई छुट्टा पशुओं को मार डाला। ककलापुर गांव से सटे खेत में गन्ना छिलाई कर रहे किसान राधेश्याम भारती पर हमला गंभीर घायल किया। इमलिया गांव की रोड पर कार से जा रहे दतेली पंचायत के प्रधान जहरूद्दीन पर बाघिन ने झपट्टा मारा, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। आबादी के आसपास सक्रिय बाघिन ने इमलिया, ककलापुर, जार, अहमद नगर, खुशहालपुर आदि गांवों से सटे खेतों में चर रहे छह से अधिक छुट्टा पशुओं पर हमला कर मार डाला।

बाघिन को ट्रेस कर उसे उसके प्राकृतवास में छोड़ना जरूरी हो गया है। निगरानी कराई जा रही है। जल्द ही उसे जंगल वापस भेजा जाएगा। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए। बाघिन दिखलाई पड़ने पर सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
विज्ञापन

- संजय बिश्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें