किशोरी को जबड़े में दबाए बैठा बाघ
ग्रामीणों ने देखा कि बाघ किशोरी को जबड़े में दबाए बैठा था। पिता और ग्रामीणों के डंडे फटकारने और शोर मचाने पर बाघ किशोरी को छोड़ कर भाग गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता राकेश पुत्री के शव को गन्ने के खेत से निकालकर बाहर लाए और वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ के हमले में किशोरी की मौत की पुष्टि की है। थाना मैलानी पुलिस ने किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गुस्सा
बाघ के हमले में किशोरी की मौत के बाद घटनास्थल पर पहुंची वन कर्मियों की टीम को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। मृतक किशोरी की दादी रामवती, पिता राकेश टीम को देख गुस्से में आ गए और उनसे बाघ को पकड़ने की बात कही। ग्रामीणों के समझाने-बुझाने के बाद दादी वहां से हट गईं और पोती के शव को देखकर दहाड़े मारकर उसे एक टक निहारती रहीं।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय बिश्वाल ने बताया कि बलारपुर गांव में बाघ के एक किशोरी पर हमला करने की सूचना मिली है। इस हमले में किशोरी की मौत हुई है। घटना दुखद है। मौके पर वन कर्मियों की टीम भेजी गई है। निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों को आगाह किया है कि बाघ अभी आस-पास हो सकता है इसलिए वे अकेले खेतों की ओर न जाएं। समूह बनाकर शोर मचाते हुए जाएं।