माहे मोहर्रम की दस तारीख शनिवार को है और इसके लिए व्यापक तैयारी की गईं हैं। ताजिया कर्बला पहुंचेंगे और इससे पूर्व नौंवी पर जगह जगह मजलिस, तकरीर का आयोजन किया गया। इमामबाड़ों के पास भीड़ रही और लोगों ने घरों में भी फातिहा नियाज कराई। एसओ केपी सिंह ने बताया कि जहां-जहां ताजिया रखे जाते हैं वहां पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ कर्बला में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मझगईं। माहे मोहर्रम की नौ तारीख को हुसैन की याद में नौंवी का जुलूस गम और अदबीयत से निकाला गया। नौजवान हाय हुसैन या हुसैन की सदाऐं बुलंद कर रहे थे। मोहर्रम को नौंवी तारीख को यजीदी लशकर ने करबला के मैदान में हुसैन के काफिले पर जुल्म की इंतिहा कर कत्ल ओ गारत की हद पार कर दी थी।
दीन इस्लाम और इंसाफ के खातिर पूरे खानदान को खोने वाले हुसैन की याद में हर वर्ष हर मजहब के लोग ताजिएदारी करने के साथ हुसैन के नाम पर कुरान ख्वानी के साथ लंगर लुटाते हैं। नौ तारीख को ताजिए चौक पर आने के बाद जन्नती मोहल्ले से मस्जिद तक जुलूस मातमी धुन के साथ निकाला गया। जुलूस में नौजवान या हुसैन या हुसैन के नारे बुलंद कर याद कर रहे थे।