भारत-नेपाल सीमा और दुधवा नेशनल पार्क की गौरीफंटा रेंज में स्थापित मंडी का टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया और नपाई की। इससे यहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ लोगों ने अपनी दुकानें भी बंद कर दीं।
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के तहत वर्ष 2011 में करीब छह दर्जन दुकानें हटा दी गईं थी और पार्क प्रशासन ने यहां कब्जा कर लिया था। बावजूद इसके करीब 22 दुकानें बच गईं थीं, जिनका वाद निचली अदालत में विचाराधीन था। बताया जा रहा है कि धीरे-धीरे यहां दुकानों की संख्या बढ़कर करीब चार दर्जन हो गई। इसी को लेकर पार्क प्रशासन की एक टीम यहां पहुंची और शेष दुकानों और प्लाटों का निरीक्षण करने के साथ नपाई की, जिससे दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने यहां नए दुकानदारों के नाम भी दर्ज किए। टीम में गौरीफंटा रेंजर दीपचंद्र के साथ मैलानी और बेलरायां रेंजर शामिल रहे।