गोला गोकर्णनाथ। शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ समतलीकरण का कार्य भी जोरों पर है। गोकर्ण तीर्थ की सीढि़यों का निर्माण शुरू हो गया है। वहीं मलबा भरे डंफरों के निकलने से गोकर्ण तीर्थ के धरातल से जल के स्रोत फूट गए हैं। मध्य में प्राचीन कुएं की जगत में दरारें पड़ गई हैं।
शिव मंदिर कॉरिडोर के निर्माण में फिलहाल दो दिन से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रुकी है, लेकिन परिक्षेत्र के लोग सशंकित हैं कि अगली बारी किस की है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल ने पौराणिक शिव मंदिर के निकट समतलीकरण का कार्य तेजकर दिया है।
लगातार मलबा ढो रहे डंफरों के वजन से गोकर्ण तीर्थ का धरातल धंस गया है। इससे पानी के स्रोत फूट गए हैं। जमीन से ऊपर जल बहने लगा है। तीर्थ के मध्य प्राचीन कुएं की जगत में दरारें पड़ गई है।
कार्यकारी संस्था यूपीपीसीएल के जेई विवेक वाजपेई एवं अमरेश सिंह ने बताया कि ध्वस्तीकरण का अभी कोई आदेश आया है। मलबा उठान और समतलीकरण का कार्य चल रहा है। तीर्थ का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। सीढ़ियों पर रेड स्टोन लगाया जाएगा।