बिजुआ। चार दिन पहले लापता हुए गांव जगनपुरवा निवासी 35 वर्षीय युवक रमेश कुमार का अब तक पता नहीं चला है। युवक की चप्पलें शारदा नदी के किनारे भीरा-पलिया पुल के पास मिली हैं। पुलिस और पीएसी बाढ़ राहत दल ने नदी में उसकी खोज शुरू कर दी है।
जगनपुरवा गांव निवासी रामनरेश ने भीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उनका भाई रमेश कुमार 26 सितंबर की सुबह करीब छह बजे बिना बताए घर से चला गया था। परिजनों ने सभी संभावित स्थानों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
27 सितंबर की दोपहर करीब एक बजे, भीरा-पलिया शारदा पुल के पास शारदा नदी के किनारे एक जोड़ी चप्पलें मिलीं। परिजनों ने इन चप्पलों की पहचान रमेश की चप्पलों के रूप में की। सूचना मिलने पर पुलिस और तहसील प्रशासन ने पीएसी बाढ़ राहत दल को बुलाया। युवक की तलाश शुरू कर दी गई है।
20 दिनों के बाद भी नहीं लगा डूबे प्रिंस का पता
लखीमपुर खीरी। खीरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला जोशी टोला निवासी प्रिंस जोशी ने बीती नौ सितंबर को शारदा नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के 20 दिन बीतने के बाद भी आज तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।
प्रिंस के परिजन का कहना है कि उनका पुत्र ससुरालियों की प्रताड़ना के चलते परेशान था इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। मां सीमा जोशी का कहना है कि उनका पुत्र प्रिंस अक्सर ससुरालियों की धमकियों से परेशान रहता था। कई बार उसे समझाया भी गया, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर उसने शारदा नदी में छलांग लगा दी।
इधर, पुलिस का कहना है कि घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों के अलावा एनडीआरएफ की टीमों को लगाया गया था। एसओ मनोज कुमार ने बताया कि तलाशी अभियान निर्धारित समय तक ही चलाया जाता है। फिलहाल परिजन आज भी बेटे के सकुशल घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। संवाद
शारदा नहर में कूदकर युवक ने की आत्महत्या
निघासन। कस्बे के राकेश जोशी के 25 वर्षीय पुत्र अमल ने सोमवार को शारदा नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए लिए भेज दिया है।
सूचना पाकर चौकी इंचार्ज भूपेंद्र राजपूत पुलिस बल और स्थानीय गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद युवक को नहर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता राकेश ने बताया कि अमल सुबह करीब आठ बजे घर से निकला था। संवाद