लखीमपुर खीरी। जिले में पेट्रोल-डीजल को लेकर हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं। पंपों पर बेकाबू भीड़, विवाद और मारपीट की घटनाओं के बीच डीलरों ने पुलिस सुरक्षा की मांग उठाई है और कहा है कि इसके बिना वितरण संभव नहीं है।
खीरी पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अभिषेक दीक्षित और महामंत्री राजेश गिरि ने प्रशासन को पत्र भेजकर बताया कि वर्तमान में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं मिल रही है। पंपों पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित हो रही है, जिससे गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। कई स्थानों पर ग्राहक अनुशासनहीन व्यवहार करते हुए मारपीट पर उतारू हो रहे हैं और पंप स्टाफ व स्वामियों के साथ गाली-गलौज कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है, जिससे सुरक्षित और सुचारु वितरण कार्य करना अत्यंत कठिन हो गया है। मांग की गई है कि सभी पेट्रोल पंपों पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कराई जाए, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। साथ ही तेल कंपनियों से समन्वय कर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बढ़ाई जाए और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ईंधन मिल सके।
-बृहस्पतिवार को इतना खपा ईंधन-
जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 2141 किलो लीटर डीजल और 1575 किलो लीटर पेट्रोल स्टॉक में है। बृहस्पतिवार को 795 किलोलीटर डीजल और 383 किलो लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई है।
बिजुआ-मझगई में पंप खाली, बढ़ी परेशानी
बिजुआ/मझगई। मालपुर, बेलवामलूकापुर, पड़रिया तुला, गुलरिया, बस्तौली, भानपुर, भवानीपुर आदि पंपों पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि आपूर्ति सामान्य है तो पंप बंद क्यों हैं और लंबी कतारें क्यों लग रही हैं। मझगईं क्षेत्र में भी अधिकांश पंप खाली हैं। पुरवार सर्विस स्टेशन पर टैंकर पहुंचने की सूचना मिलते ही भीड़ उमड़ पड़ी और तेल लेने की होड़ में धक्का-मुक्की से अफरा-तफरी मच गई। स्थिति संभालने के लिए मैनेजर को पुलिस बुलानी पड़ी। संवाद
धौरहरा में हाहाकार, 3-4 घंटे में खत्म हो रहा तेल
धौरहरा। कस्बा ईसानगर, खमरिया, रामनगर लहबड़ी, कफारा, रमियाबेहड़, ढखेरवा और टहारा क्षेत्र में ईंधन को लेकर हाहाकार है। टैंकर पहुंचते ही भीड़ उमड़ती है और महज तीन से चार घंटे में पेट्रोल-डीजल खत्म हो जाता है। इससे किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं, वहीं सहालग के चलते आम लोगों को भी दिक्कतें हो रही हैं।
मुनाफाखोर किराये के लोगों को लाइन में खड़ा कर प्लास्टिक के केनों में पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। बाद में यही ईंधन गांवों में 150 से 200 रुपये अतिरिक्त कीमत पर बेचा जा रहा है। टैंकर आने से पहले ही लाइन लगवा दी जाती है, जिससे आम उपभोक्ता घंटों इंतजार के बाद भी खाली लौट रहे हैं। संवाद
हर पंप पर वही चेहरे, दोबारा लग रही लाइन
बीपी, इंडियन ऑयल और एचपी समेत सभी पंपों पर लंबी कतारें हैं। विश्वनाथ पेट्रोल पंप के संचालक अवनीश कुमार ने बताया कि रामनगर लहबड़ी से ईंधन लेने वाले करीब 60 फीसदी लोग धौरहरा में फिर केन लेकर लाइन में खड़े मिल रहे हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को ईंधन नहीं मिल पा रहा।
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जितनी खपत थी, उससे ज्यादा ईंधन सप्लाई आ चुकी है। लोग जमाखोरी में जुटे हैं और अफवाहों के कारण स्थिति बिगड़ रही है। पुलिस व्यवस्था बनाने में लगी है। जमाखोरी के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-शशिकांत मणि, एसडीएम, धौरहरा
धौरहरा कस्बे के पेट्रोल पंप पर लगी भीड़-संवाद