लखीमपुर खीरी। अक्सर शारीरिक और मानसिक समस्याओं को लेकर झिझक और संकोच किशोरियों व महिलाओं को भीतर ही भीतर परेशान करता रहता है। कई बार यही चुप्पी तनाव और बीमारियों को बढ़ा देती है, लेकिन जिला महिला अस्पताल का साथिया केंद्र इस चुप्पी को तोड़ते हुए भरोसे का ऐसा मंच बन रहा है, जहां किशोरियां और महिलाएं बिना डर और संकोच अपनी बात खुलकर कह पा रही हैं।
केंद्र पर आने वाली किशोरियों के चेहरे पर शुरुआत में झिझक जरूर दिखती है, लेकिन काउंसलर के संवेदनशील व्यवहार और सुरक्षित माहौल के कारण कुछ ही देर में वे सहज हो जाती हैं। यहीं से उनकी परेशानियों के समाधान की राह भी शुरू हो जाती है।
काउंसलर दीप माला बताती हैं कि केंद्र पर मासिक धर्म संबंधी समस्याएं, पोषण की कमी, मानसिक तनाव, विवाह पूर्व परामर्श और प्रजनन स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ ही किशोरियों को स्वच्छता, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
उनके अनुसार प्रतिदिन औसतन 15 से 18 किशोरियां परामर्श के लिए पहुंच रही हैं। इनमें अधिकतर माहवारी की अनियमितता, अत्यधिक दर्द और सफेद पानी जैसी समस्याओं से परेशान होती हैं। इसके अलावा त्वचा संबंधी शिकायतें और तनाव से जुड़ीं परेशानियां भी सामने आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर परामर्श न केवल इन समस्याओं का समाधान करता है, बल्कि भविष्य में गंभीर बीमारियों से भी बचाव में मददगार साबित होता है।
किशोरियों और महिलाओं का कहना है कि केंद्र पर मिलने वाला गोपनीय और सम्मानजनक माहौल उन्हें मानसिक राहत देता है। यही वजह है कि अब वे अपनी समस्याओं को छिपाने के बजाय समाधान तलाशने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
केस-1
संकोच टूटा, मिली राहत
शहर के पास के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी लंबे समय से अनियमित माहवारी और अत्यधिक दर्द से परेशान थी। संकोच के कारण वह अपनी समस्या किसी से साझा नहीं कर पा रही थी। साथिया केंद्र पहुंचने पर काउंसलर ने उसकी जांच कराई और खानपान व दवा संबंधी सलाह दी। नियमित फॉलोअप के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ है।
केस-2
सलाह से लौटी मुस्कान
शहर के एक मोहल्ले की 28 वर्षीय विवाहिता सफेद पानी की समस्या के कारण मानसिक तनाव में आ गई थी। केंद्र पर काउंसलिंग के दौरान उसने अपनी परेशानी खुलकर बताई। काउंसलर ने स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए और आवश्यकता अनुसार चिकित्सकीय परामर्श दिलाया। अब वह पहले से बेहतर महसूस कर रही है।