सामूहिक विवाह में वर-वधु को आशीर्वाद देते हुए विधायक व अधिकारीगण। संवाद
निघासन। लालपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर तराई किसान महाविद्यालय के मैदान में शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 191 जोड़ों का विवाह कराया गया। इनमें 168 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, जबकि 23 जोड़ों का निकाह हुआ। शहनाई की गूंज और विवाह की रस्मों के बीच समारोह की व्यवस्थाओं को लेकर कुछ लोगों ने शिकायतें भी कीं।
मुख्य अतिथि विधायक शशांक वर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि योजना निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह में मददगार साबित हो रही है। निघासन ब्लॉक में 105 पंजीकरण के सापेक्ष 93, रमियाबेहड़ में 88 के सापेक्ष 86, नगर पंचायत निघासन के नौ और सिंगाही के सात में से तीन जोड़ों का विवाह कराया गया।
समारोह में शामिल कुछ लोगों ने बैठने, छाया और खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कुर्सियां कम पड़ने पर लोगों को जमीन पर बैठना पड़ा। भोजन और पानी खत्म होने से कुछ लोग बिना भोजन किए लौट गए। शौचालयों में गंदगी और ताले लगे होने से महिलाओं को भी परेशानी हुई। कार्यक्रम में निघासन बीडीओ जयेश कुमार सिंह, रमियाबेहड़ बीडीओ श्रद्धा गुप्ता, एडीओ अंकित राना, विजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि प्रत्येक जोड़े के लिए एक लाख रुपये का बजट है। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि 21 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान दिया जाता है। कुल 209 जोड़ों का लक्ष्य था, लेकिन 191 का विवाह कराया गया। समारोह में भोजन, पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था थी। विधायक समेत कई लोगों ने व्यवस्थाओं की तारीफ भी की। हालांकि, उन्होंने बताया कि बचे हुए भोजन को इधर-उधर फेंकने की जानकारी मिली थी।