ठेकेदार की लापरवाही के कारण बारिश के मौसम में लोगों का इस ओर से निकलना हुआ दूभर
पालिका प्रशासन से जिले के अधिकारी तक नहीं दे रहे ध्यान
लखीमपुर खीरी। सीतापुर रोड पर ओवरब्रिज के निकट वाईडी कॉलेज मोड़ से रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क जनवरी से खुदी पड़ी है। मगर, नगर पालिका प्रशासन निर्माण कराने की सुध नहीं ले रहा। रोड की ये हालत तब है जब सदर विधायक ने सड़क का निर्माण व चौड़ीकरण कराने के लिए पिछले साल दो जुलाई को प्रस्ताव दिया था। बावजूद इसके पालिका प्रशासन निर्माण कराने में रुचि नहीं ले रहा है। मोहल्लेवासियों से लेकर रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों का खुदी पड़ी सड़क से निकलना दूभर है।
सदर विधायक योगेश वर्मा के प्रस्ताव के बाद नगर पालिका ने सीतापुर रोड पर ओवरब्रिज के दोनों तरफ सड़क निर्माण का टेंडर निकाला। एक तरफ की रोड बनने के बाद ठेकेदार ने दूसरी तरफ की रोड जेसीबी से खुदवा दी, जिस पर विवाद शुरू हो गया। सभासद ने रोड खुदवाना नियम विरुद्ध बताकर ईओ, तत्कालीन डीएम से लेकर सीएम तक शिकायत की। सभासद ने रोड की खुदाई कराकर बजरी, गिट्टी आदि सरकारी संपत्ति खुर्द बुर्द कर गायब करने का आरोप लगाया। शिकायत पर काम रुकवा दिया गया। तब से लेकर आज तक रोड जस की तस पड़ी है, जबकि सीतापुर रोड के मोहल्लों से स्टेशन होकर शहर की मुख्य बाजार आने का यही मेन रास्ता है। लोगों का कहना है कि बारिश से इस से निकलना मुश्किल हो जाता है। वाहन निकलने पर रोड पर पड़े पत्थर उछलकर लगते हैं। रोड बनवाने के लिए न तो नगर पालिका ध्यान दे रही है और न ही सदर विधायक, जबकि सदर विधायक का भी इसी रोड से होकर निकलना होता है।
अब तक पूरी नहीं हुई जांच
तत्कालीन डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सभासद की शिकायत पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर एसडीएम सदर एवं अधिशाषी अभियंता एवं सहायक अभियंता लोक निर्वाण विभाग खंड प्रथम को नामित कर एक सप्ताह में जांच आख्या तलब की थी। मगर, छह बीतने को हैं अभी जांच पूरी नहीं हो सकी।
राजगढ़ के दुकानदार राकेश त्रिवेदी बताते हैं कि छह माह होने को हैं, लेकिन रोड आज तक नहीं सकी। खुदी सड़क से आम दिनों में ही निकलना मुश्किल था। बारिश में तो नरक बन जाता है।
राजगढ़ निवासी जीत यादव का कहना है कि शहर में जाने के लिए यही प्रमुख रास्ता है। मगर, खुदा पड़ा होने से पैदल तक नहीं मुश्किल है। बारिश में अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
प्रवीण सक्सेना बताते हैं कि विकास के दावों की हकीकत यह सड़क बयां कर रही है। करीब छह माह हो रहे हैं सड़क को खुदे हुए। न तो पालिका प्रशासन ध्यान दे रहा है और न अधिकारी।
साइकिल पंक्चर बनाने वाले जफर का कहना है कि दो व चार पहिया वाहन निकलते समय आए दिन पत्थर उछलकर लगते हैं। कई बार चोट लग चुकी है। बनवाने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा।
तत्कालीन डीएम के आदेश को ईओ ने कूड़े में फेंक दिया। वहीं भ्रष्टाचार में संलिप्त होकर जांच अधिकारियों ने खोद गई सड़क की जांच रिपोर्ट पांच माह बाद भी पूरी नहीं कर सके। ऐसा नहीं कि ऊबड़ खाबड़ रास्ते से निकल रहे लोगों के गिरने की पालिकाध्यक्ष को जानकारी नहीं है। मगर, नगर वासियों की समस्याओं की ओर से वह भी आंखें मूंदे हैं। सदर विधायक के प्रस्ताव के 11 माह बाद भी सड़क का बनना बेहद चिंताजनक है।
- मनीषा माथुर, सभासद राजगढ़
रोड का आर्डर हो गया है, बारिश बाद सड़क का बनना शुरू हो जाएगा। रही बात जांच की तो हमें इसकी जानकारी नहीं है।
- आरआर अंबेष, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
एक बार रोड का निरीक्षण हो चुका है। मगर, टेक्निकल टीम का सैंपल लेना शेष है। इधर, बाढ़ कार्यों में काफी व्यस्तता होने के कारण इसके बारे में जानकारी नहीं कर सका। सोमवार को टीम से जांच के संबंध में मालुमात की जाएगी।
- डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर