लखीमपुर खीरी। जिले की 12 बड़ी गोशालाओं का संचालन अब पांच एनजीओ करेंगी। एक सप्ताह में सभी को हैंडओवर लेने के आदेश एनजीओ को दिए गए हैं। प्रति गोवंश 50 प्रतिदिन के हिसाब से एनजीओ को भुगतान दिया जाएगा।
सीवीओ डॉ. दिनेश कुमार सचान ने बताया कि एनजीओ का अनुबंध तीन साल के लिए है। एनजीओ व गोशालाओं का चयन शासन से किया गया है। सीवीओ ने बताया कि पूजा सहकारी श्रम संविदा एवं निर्माण समिति लिमिटेड को फूलबहेड़ के तेतारपुर, और नकहा की अमकोटवा गोशाला का आवंटन है। केवल ग्रामोद्योग सेवा संस्थान सीतापुर को नकहा कि परसा की जिम्मेदारी मिली है।
रफीक खान मेमोरियल शिक्षा समिति लखीमपुर को पसगवां के इब्राहिमपुर, कसरावल आवंटित की गई। ओम फाउंडेशन गाजियाबाद को बेहजम की रतसिया, रायपुर बुजुर्ग, पैला और बिजुआ के रहिमनगर ग्रंट का आवंटन किया गया। केतकी वेलफेयर सेवा संस्थान अंदेव प्रतापगढ़ को मितौली की दतेलीकला, जानकीनगर ग्रंट, और रमियाबेहड़ के सुजानपुर गौशाला दी गई। सीवीओ ने बताया कि गोआश्रय स्थलों की मानीटरिंग होती रहेगी। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर जिला स्तरीय समिति अनुबंध समाप्त कर सकती है।