ममरी। मूड़ा जवाहर निवासी किसान मुन्नालाल पर हमले के बाद बाघ को ट्रेंक्युलाइज करने के लिए सरायन नदी के समीप लगाए गए पिंजरे और बनाए गए मचान का रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने निरीक्षण किया। इस दौरान झाड़ी में छिपे बाघ की दहाड़ सुन रेंजर भी घबरा गए।
55 वर्षीय किसान मुन्ना लाल पर हमला करने वाले बाघ को बेहोश करने के लिए रविवार की शाम वन कर्मियों की टीम सरायन नदी के समीप पिंजरा लगाकर मचान बना रही थी। उसी समय रेंजर निर्भय प्रताप शाही वहां निरीक्षण करने पहुंच गए। इस बीच नदी की झाड़ी में छिपा बाघ जोर-जोर से दहाड़ने लगा।
दहाड़ सुन रेंजर और वनकर्मियों के होश उड़ गए। रेंजर ने बताया कि बाघ को ट्रेंक्युलाइज करने के लिए वहां पिंजरा लगाकर उसमें पड्डा बांधा गया है। इससे कुछ दूरी पर टीम के बैठने और छुपने के लिए मचान बनाया गया है। यहां डॉ. दया टीम के साथ बाघ की चहलकदमी पर नजर रख रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है, कि यह वही बाघ हो सकता है, जिसने अगस्त और सितंबर में ग्राम इमलिया निवासी किसान अमरेश कुमार और ग्राम मूड़ा अस्सी निवासी किसान जाकिर अली को हमला करके मार डाला था।