बांकेगंज। मैलानी से पीलीभीत रेलखंड पर डेढ़ साल पहले बनी पुलिया बाढ़ के पानी में बह गई। लंबे अरसे बाद शुरू हुई पीलीभीत तक रेल सुविधा भी ठप हो गई। इससे बांकेगंज, गोला, लखीमपुर, हरगांव, सीतापुर, मैलानी आदि के रेल यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मैलानी-पीलीभीत रेलखंड पर आमान-परिवर्तन के बाद कुछ माह पहले रेल यातायात शुरू हुआ था। इससे खीरी और पीलीभीत दोनों जिलों के यात्रियों को जो सुविधा मिली थी, वह विनाशकारी बाढ़ ने छीन ली है। शाहगढ़ और संदेई हाल्ट के बीच बंगला गांव के पास बाढ़ का पानी पुलिया को अपने साथ बहा ले गया। जल्दबाजी में बनाई गई पुलिया बाढ़ का एक झटका भी नहीं झेल पाई।
इससे पुलिया की निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मौसम के आसार को देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह ट्रेन सुविधा बरसात के बाद ही बहाल हो पाएगी। हालांकि रेलवे प्रशासन 15 दिन के अंदर पुलिया बनाकर रेल यातायात शुरू करने का दावा कर रहा है।
शिवभक्तों की आस्था पर भी लगा ग्रहण
सावन का महीना शुरू होने को है। ऐसे में बड़ी संख्या में बरेली, पीलीभीत, पूरनपुर, शाहगढ़, सेहरामऊ, मैलानी के हजारों शिवभक्त गोला के पौराणिक शिव मंदिर में जलाभिषेक करने आते हैं। 10 साल बाद मैलानी-पीलीभीत खंड के बीच शुरू हुए रेल यातायात से भोलेनाथ के भक्त काफी उत्साहित थे। भक्तों को उम्मीद थी कि इस साल सावन के महीन में ट्रेन का सस्ता और आरामदायक सफर कर गोला पहुंचेगे। लेकिन रेल पुलिया बहने के बाद ट्रेनों का संचालन ठप होने से शिवभक्तों की आस्था पर भी ग्रहण लग गया। संवाद
शाहगढ़-संदेई के बीच बाढ़ से बही रेलवे ट्रैक पुलिया की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। यदि तेज बारिश और बाढ़ न आई तो जल्द ही रेल यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, डीआरएम, एनईआर, इज्जतनगर मंडल