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Lakhimpur Kheri News: बजट खर्च की रेस, छुट्टी में भी नहीं थमे काम

Sun, 29 Mar 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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रविवार को खुला कोषागार कार्यालय। संवाद - फोटो : रसोई गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की कतार। संवाद
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लखीमपुर खीरी। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में मार्च क्लोजिंग का दबाव साफ नजर आया। रविवार को अवकाश के दिन भी जिले के लगभग सभी सरकारी कार्यालय खुले रहे। उप निबंधक कार्यालय, विकास भवन, कलक्ट्रेट, कोषागार, डीआईओएस, बीएसए, बिजली, सिंचाई और गन्ना विभाग समेत विभिन्न कार्यालयों में दिनभर कामकाज चलता रहा। अधिकारी और कर्मचारी बजट की समीक्षा कर शेष धनराशि को समय से खर्च करने की रणनीति बनाते दिखे।
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जिले में एक ओर कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ योजनाओं में आवेदन कम आने के कारण बजट बचने की स्थिति है। इससे विभागीय स्तर पर बजट के असमान उपयोग की स्थिति सामने आ रही है। अधिकारी इस बात का हिसाब लगाने में जुटे हैं कि कितना बजट आया और कितना खर्च हुआ, जबकि शेष धनराशि को कहां उपयोग किया जाए, इसको लेकर भी मंथन चल रहा है।
समाज कल्याण विभाग में आवेदन कम आने से बजट बचा है। शादी अनुदान योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 1753 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका भुगतान किया गया। विभाग को 4.34 करोड़ रुपये का बजट मिला, जिसमें से 3.50 करोड़ ही खर्च हो सके। सामूहिक विवाह योजना में 8.96 करोड़ में से 8.45 करोड़ खर्च हुए। पारिवारिक लाभ योजना के तहत 5.55 करोड़ का पूरा बजट खर्च हो चुका है, जबकि अत्याचार उत्पीड़न मद में 1.50 करोड़ में से 1.41 करोड़ खर्च हुए। जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि जो बजट बचेगा, उसे वापस किया जाएगा।
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पंचायत राज विभाग ने 98 प्रतिशत बजट खर्च करने का दावा किया है। गांवों में विकास कार्यों के लिए मिले करीब 300 करोड़ रुपये में से अधिकांश खर्च किया जा चुका है। शेष बजट भी वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले खर्च कर लिया जाएगा।
इसके अलावा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को मिले करीब 120 करोड़ रुपये में से 110 करोड़ खर्च हो चुके हैं। वहीं विधायक निधि में 45 करोड़ और सांसद निधि में 9.80 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिसमें अधिकांश खर्च हो चुका है। इन निधियों का बजट वापस नहीं होता, बल्कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव के अनुसार कार्य कराए जाते हैं।
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