ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर मदरसा अफजलुल मदारिस से जुलूसे गौसे आजम बहुत ही एहतराम और अकीदत के साथ निकाला गया। अकीदतमंदों ने जगह-जगह उनकी याद में सबीलें लगाई और फातेहाख्वानी की गई। आलिम ने अपनी तकरीर में उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की हिदायत दी। तकरीर के दौरान सूफी संत शेख अब्दुल कादिर जीलानी बगदादी की जिंदगी पर रोशनी डाली गई।
कस्बे के मदरसा अफजलुल मदारिस से जुलूसे गौसे आजम निकाला गया, जो कस्बे के तमाम मोहल्लों से होता हुआ देर शाम को संपन्न हो गया। इस दौरान लोगों ने नज्र-नियाज कराई और लंगर व सबील की। सुबह सुन्नी इमामबाड़े में एक जलसे का आयोजन हुआ, जिसमें मौलाना इल्यासुल कादरी, मौलाना अशफाक, मतीन मियां रहमानी तथा कारी अख्तर रजा ने गौस पाक शेख अब्दुल कादिर जीलानी की जिंदगी पर रोशनी डालते कहा कि हम सभी लोगों को उनके बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। शेखसरांय निवासी सैयद वजी मियां के निवास पर फातेहाख्वानी के बाद लंगर किया गया। लहरपुर रोड पर इस्लाम वारसी ने सर्दी में चाय की सबील लगाई।
पलियाकलां। शानो शौकत से 11वीं शरीफ के मौके पर जुलूसे गौसिया निकाला गया। नातिया कलामों और तकरीरों से उलमा ने कौम को गुमराहियत छोड़ इस्लाम की राह पर चलने का आह्वान किया। जुलूस टीटीएस ग्रुप की ओर से निकाला गया।
नूरी जामा मस्जिद से शुरू होकर जुलूस जामा मस्जिद होते हुए चमन चौराहा पहुंचा और फिर वहां से मोहल्ला माहीगिरान पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में मौलाना मोहम्मद आफाक, कारी सैयद एजाज अहमद, मौलाना खालिद रजा कादरी ने तकरीरें की। इसमें टीटीएस के सदर रहीस अहमद, मीडिया प्रभारी शीबू अहमद, शादाब रजा समेत टीटीएस ग्रुप के सभी पदाधिकारी और सदस्यों समेत तमाम लोग शामिल रहे।
मझगईं। मुस्लिम समाज ने 11वीं का त्योहार बड़ी अकीदत के साथ मनाया।