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किसानों की सुविधा को मिली रकम डकार गई एजेंसियां

Tue, 19 May 2015 12:40 AM IST
लखीमपुर खीरी
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किसानों से सीधे गेहूं खरीद के लिए जिले भर में 211 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर किसानों की सुविधाओं के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं। जबकि प्रत्येक क्रय केंद्र को न्यूनतम पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि मुहैया कराई जा चुकी है, जिसका उपयोग किसानों के हितों के लिए नहीं किया गया है, बल्कि संबंधित एजेंसियां उस रकम को डकार गई हैं। इस बावत तहसील प्रशासन भी मूक दर्शक बना हुआ हैै, क्योंकि क्रय केंद्रों पर किसानों को सुविधा देने के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और न ही कोई कार्रवाई हुई है।
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बता दें कि क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर आने वाले किसानों को सुविधाएं देने के आदेश दिए गए थे, जिसमें छाया के लिए शामियाना-तख्त लगाने, स्वच्छ पेयजल के लिए बाल्टी, गिलास, मिट्टी के मटके रखे जाने थे। जबकि बैलगाड़ी के पशुओं के लिए पानी-नांद की व्यवस्था करनी थी। पिछले सालों में क्रय केंद्रों पर सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी मंडी परिषद पर थी। इस रबी विपणन वर्र्ष 2015-16 में शासन ने व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाओं के लिए जिले पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी को उपलब्ध कराई गई, जिन्होंने एजेंसियों को ही धनराशि मुहैया कराई थी। प्रत्येक क्रय केंद्र को पांच-पांच हजार रुपये दिए गए थे। क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए सुख-सुविधाओं के नाम पर एक शामियाना तो दूर पीने के लिए पानी का भी इंतजाम नहीं है।
एडीएम/जिला खरीद अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधाओं के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थेे। मामला संज्ञान में आया है। क्रय केंद्रों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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एक केंद्र पर 10 हजार खर्च करने की व्यवस्था
शासन ने प्रत्येक क्रय केंद्र के लिए पहली किस्त के तौर पर पांच-पांच हजार रुपये दिए थे। साथ ही निर्देश यह भी हैं कि गेहूं की खरीद प्रारंभ होने पर क्रय केंद्रों की औचित्यपूर्ण मांग पर उपनिदेशक मंडी के माध्यम से पांच हजार रुपये अतिरिक्त मुहैया कराए जाएंगे।
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