अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने मुख्य सचिव को भेजा ज्ञापन
अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है।
मुख्य सचिव को भेजे ज्ञापन में बताया गया है कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त किए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पेंशन को समाप्त कर दिया गया है। पिछले 11 वर्षों से प्रदेश में किसी प्रकार का फंड नहीं कटता जो उन लोगों के भविष्य के साथ अन्याय है। शिक्षकों ने बताया है कि समृद्ध समाज की परिकल्पना बिना शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सार्थक भूमिका के पूर्ण नहीं हो सकती। शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन प्रत्येक माह के अंत तक मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति में ही समाप्त हो जाता है। भविष्य के लिए खाली हाथ रह जाते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद जब वे लोग किसी और कार्य के लायक नहीं रहेंगे तब वे दूसरे की कृपा के पात्र बनकर रह जाएंगे। संगठन ने बताया है कि केरल, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में आज भी पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू है तथा मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की कार्यवाही गतिमान है। संगठन ने बताया है कि एक देश में दोहरी व्यवस्था उन लोगों के साथ अन्याय है। मांग की गई कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। ज्ञापन देने वालों में संयोजक विश्वनाथ मौर्य, सह संयोजक सुनील प्रकाश वर्मा, संरक्षक संदीप वर्मा, संतोष मौर्य, मीडिया प्रभारी दीपक गुप्ता, पंकज वर्मा, विजय प्रभाकर, मनोज वर्मा, दीपक वैश्य, उमेश वर्मा, ओम प्रकाश वर्मा, बृजकिशोर गौतम और दीपक सिंह सहित तमाम लोग शामिल थे।