लखीमपुर खीरी। जिले की ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है। गड़बड़ी की आंशका पर कई ग्रामीणों ने विकास कार्यों पर सवाल उठाए थे। शिकायत पर जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई, लेकिन एक साल बाद भी अफसरों ने जांच नहीं की। जबकि जांच के लिए पंचायत विभाग ने कई बार रिमाइंडर पत्र जारी किए, लेकिन अफसरों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
जनपद की 11 ग्राम पंचायतों में घोटालों की जांच अफसरों की मनमानी के आगे भेंट चढ़ गई। सदर ब्लाॅक के बांसताली की जांच डीसी मनरेगा विपिन चौधरी के पास है। मितौली ब्लाॅक के बैबहा की जांच पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय कुमार सागर के पास है। वहीं रमियाबेहड़ ब्लाॅक के गौरिया की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीन तिवारी, पसगवां के औरंगाबाद की जांच जिला प्रोबेशन अधिकारी लवकुश भार्गव के पास जांच है।
सदर ब्लाॅक की तुसौरा की जांच जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद, कुंभी ब्लाॅक के पिपराकरमचंद्र की जांच जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह, धौरहरा ब्लाॅक के सिसैया की जांच उप निदेशक कृषि अरविंद मोहन मिश्रा, निघासन की जांच सीवीओ डॉ. जगदीश प्रसाद, कुंभी ब्लाॅक के मढि़या द्वितीय, ईसानगर के सरैंया कलां और धौरहरा के केशवापुरकलां द्वितीय की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी रामजनम के पास है। अफसरों के पास यह जांच करीब एक साल से है। मगर अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। इस पर पंचायत विभाग की ओर से कई बार रिमाइंडर पत्र भेजा गया, लेकिन अफसरों ने फिर भी जांच नहीं की।
कई ग्राम पंचायतों की जांच अभी नहीं हुई है। जांच के लिए संबंधित अफसरों को रिमाइंडर पत्र भेजा जा चुका है। एक बार फिर से रिमाइंडर पत्र भेजा जाएगा।
-विशाल सिंह, डीपीआरओ