हाईकोर्ट के निर्देश पर रविवार को शहर से सटे सलेमपुर कोन स्थित चांदमारी में 140 शस्त्र धारकों का फायरिंग टेस्ट कराया गया, जिसमें 98 लोग पास हो पाए, जबकि 42 फेल हो गए। फेल असलहाधारियों के लाइसेंस नवीनीकरण का अंतिम निर्णय डीएम लेंगे। फायरिंग टेस्ट जिला राइफल क्लब के संयुक्त सचिव जीएस सिंह, रेंज अधिकारी अब्दुल वहीद खां और पुलिस लाइंस के आर्म्स मोहर्रिर गुरुदीन प्रसाद की मौजूदगी में किया गया। चांदमारी में सुबह 10 बजे से शुरू हुए फायरिंग टेस्ट में शस्त्र धारकों से उनकी बंदूक, राइफल, रिवाल्वर और पिस्टल से फायरिंग कराई गई। एक शस्त्र धारक को टेस्ट के लिए तीन बार फायर कराया गया। इस टेस्ट से यह पता लगाने की कोशिश की गई कि संबंधित लाइसेंस धारक फायरिंग करते समय कितना फिट रहता है और वह शस्त्र रखने के काबिल है या नहीं। चांदमारी में देर शाम तक फायरिंग टेस्ट हुआ। इस दौरान अंधेरा होने के कारण कई बुजुर्ग शस्त्रधारकों को फायरिंग करने में दिक्कत आई। जिला राइफल क्लब के संयुक्त सचिव जीएस सिंह ने बताया कि जिन लोगों को परेशानी थी, उनका फायरिंग टेस्ट पहले कराया गया। डीएम के लिए फायरिंग टेस्ट का रिजल्ट भेजा जाएगा। जिले में 22 हजार से अधिक शस्त्रलाइसेंस धारक हैं। अगले रविवार को फिर टेस्ट होगा।
प्रभारी डीएम नितीश कुमार ने बताया कि जो लोग शस्त्र चलाने में अक्षम पाए जाएंगे, उनका लाइसेंस कोर्ट के निर्देशानुसार निरस्त कर दिया जाएगा। फायरिंग टेस्ट में जरूरी नहीं है कि शस्त्र धारक का निशाना बिल्कुल सटीक लगे। लेकिन शस्त्र धारक की शारीरिक क्षमता के मुताबिक ही लाइसेंस रिन्यूवल किए जाएंगे।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि शस्त्र धारकों का फायरिंग टेस्ट जिला राइफल क्लब और पुलिस की देखरेख में हो रहा है। फायरिंग के लिए कारतूस क्लब द्वारा ही उपलब्ध कराया जा रहा है। क्लब की रिपोर्ट आने के बाद उसका रिजल्ट डीएम को भेजा जाएगा। इस पर लाइसेंस के रिन्यूवल का निर्णय डीएम ही लेंगे।