लखीमपुर खीरी। जिले के हाईवे और प्रमुख मार्गों पर खतरे वाली जगहों की पहचान कराने वाले सुरक्षा संकेतक ही कई जगह नदारद हैं। कहीं ऊंचे गतिरोधक हैं तो कहीं तीखे मोड़ और चौराहे बिना संकेतक के हैं। कई स्थानों पर रेडियम पट्टी गायब या धुंधली हो चुकी है। मैगलगंज-बाइपास पर करीब आधा दर्जन अवैध कट भी बने हुए हैं। छह सितंबर की रात ओयल में स्पीड ब्रेकर पर कार अनियंत्रित होने के बाद तीन युवकों की मौत और तीन के गंभीर घायल होने से सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
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निघासन क्षेत्र के रकेहटी कस्बे के मुख्य चौराहे पर सड़क से करीब छह इंच ऊंचा गतिरोधक बना है। इस पर लगी रेडियम पट्टी धुंधली हो चुकी है। रकेहटी से बजरंगगढ़ जाने वाले रास्ते पर चौड़े और ढलान वाले गतिरोधक हैं। शारदानगर बैराज के दोनों ओर और चकई शारदा नहर पुल के दोनों तरफ भी गतिरोधक बने हैं। बरवर-मोहम्मदी मार्ग पर पुलिस चौकी के पास करीब तीन इंच ऊंचे गति अवरोधक पर लगी रेडियम पट्टी गायब है। मोहम्मदी-शाहजहांपुर हाईवे पर महमदपुर ताजपुर में भी ब्रेकर बने हैं। मितौली कस्बे में आबादी क्षेत्र से गुजरने वाले टू लेन हाईवे पर छोटी नहर से बड़ागांव तिराहा तक करीब एक किलोमीटर में चार जगह तीन-तीन इंच ऊंचे ब्रेकर हैं। इनमें कहीं ब्रेकर का साइन बोर्ड नहीं लगा है। तीखे मोड़ और चौराहे भी बिना संकेतक तिकुनिया क्षेत्र के मोतीपुर-कौड़ियाला गुरुद्वारा हाईवे मार्ग पर निबौरिया चौराहे से पहले मोड़ पर संकेतक और रेडियम पट्टी नहीं है। निबौरिया चौराहे पर भी दोनों नहीं हैं। नरहा नाला पुल पर तीखा मोड़ है, जो वाहन चालकों को आसानी से दिखाई नहीं पड़ता। पुल के आगे सुरेश ब्रिक फील्ड के पास भी तीखे मोड़ पर संकेतक और रेडियम पट्टी नहीं है। तिकुनिया कस्बे के व्यस्त टायर चौराहे और कौड़ियाला गुरुद्वारा के आगे बाबापुरवा गांव के मोड़ पर भी सुरक्षा संकेतक और रेडियम पट्टी नहीं लगी है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश तलवाड़, रामकिशोर वर्मा, शिवकुमार वर्मा, सुरेंद्र रूहेला, गणदीप सिंह और बलकार सिंह ने निबौरिया चौराहा, उमरा चौराहा, नरहा पुल और बाबापुरवा गांव में सुरक्षा इंतजाम कराने की मांग की है।
बाइपास पर करीब आधा दर्जन अवैध कट
मैगलगंज। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के मैगलगंज-बाइपास पर करीब आधा दर्जन अवैध कट बने हैं। ग्रामीणों ने अपनी जरूरत के अनुसार इन्हें बना रखा है। इनसे दोपहिया और अन्य वाहन सीधे हाईवे पर पहुंचते हैं, जबकि मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का लगातार आवागमन रहता है। रात में अचानक मुख्य मार्ग पर पहुंचने वाले वाहनों से हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने अवैध कट बंद कराने और जरूरत वाले स्थानों पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है। हाईवे पर नियमित टोल वसूली के बावजूद सुरक्षित और व्यवस्थित मार्ग नहीं मिलने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि लगातार अवैध कट बंद किए जा रहे हैं। कुछ कट ग्रामीणों ने दोबारा तोड़ दिए हैं। उन्हें बंद कराने के लिए टीमें प्रयासरत हैं।
ओयल में ब्रेकर पर अनियंत्रित हुई थी कार
छह सितंबर की देर रात करीब दो बजे लखीमपुर-सीतापुर हाईवे पर ओयल कस्बे के पास कार सड़क किनारे ट्रांसफाॅर्मर से टकरा गई थी। हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। बताया गया कि मोड़ पर बने स्पीड ब्रेकर पर कार अनियंत्रित हुई थी। इसके बाद हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और उनके पर्याप्त रूप से दिखाई न देने को लेकर चर्चा तेज हुई है।
वर्जन
हाईवे पर स्पीड ब्रेकर नहीं बना सकते हैं। स्पीड टेबल बनती है, जो चौड़ाई में होती है, जिससे हादसों का खतरा कम रहता है। कुछ जगहों पर वाहनों की तेज गति से हादसे हुए तो वहां कम ऊंचाई के स्पीड ब्रेकर रंबल स्ट्रिप जैसे बनाए गए हैं। बरसात के बाद नए सिरे से सभी सड़कों का सर्वे होगा। इसमें जहां कहीं भी गड़बड़ी होगी, उसे ठीक किया जाएगा।