बांकेगंज/बिजुआ। गोला वन रेंज की बिजुआ बीट के रामनगर क्षेत्र में तीन दिन पहले दलदल में फंसे बाघ की सोमवार को लोकेशन नहीं मिली। वन विभाग ने ड्रोन से तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। घटनास्थल से जंगल करीब एक किलोमीटर दूर होने के कारण वनाधिकारियों ने बाघ के जंगल लौटने का अनुमान जताया है। हालांकि, रविवार को बेलहा सिकटिहा के पास गन्ने के खेत में बाघ दिखाई दिया था। उसकी तस्वीर ड्रोन कैमरे में कैद हुई थी। वन विभाग ने घटनास्थल के आसपास चार कैमरे लगाए हैं और निगरानी जारी है।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ तापस मिहिर ने बताया कि लगातार निगरानी कराई जा रही है। बाघ की निगरानी के लिए दक्षिण खीरी वन प्रभाग ने सात सदस्यीय टीम भी गठित की है। मोहम्मदी रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी निर्भय प्रताप शाही को टीम का अध्यक्ष बनाया गया है। टीम में गोला रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी अमित सिंह, दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर व डॉ. तलहा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन, वन दरोगा जगदीश वर्मा और वन रक्षक धीरेंद्र सिंह शामिल हैं।