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Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल की लिफ्ट बीमार, सीढि़यां चढ़ने में मरीजों की फूल रही सांस

Thu, 22 Jan 2026 02:48 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद
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लखीमपुर खीरी/ओयल। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल की लिफ्ट बीमार हो गई हैं। सीढि़या चढ़कर डॉक्टरों के कमरे तक पहुंचने में मरीजों की सांस फूल रही है। बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं।
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कड़ाके की सर्दी के बाद धूप खिलते ही जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब एक हजार मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल के तीन मंजिला भवन में ओपीडी कक्ष संख्या एक से नौ तक भू-तल तथा द्वितीय तल पर 10 से 26 तक कक्षों में डॉक्टर मरीजों को देखते हैं। द्वितीय मंजिला पर स्थित कक्ष संख्या 11 में फिजियोथेरिपी, 16 में छाती रोग, 18-19 में नेत्र रोग विभाग हैं, जहां उम्रदराज मरीज सबसे अधिक संख्या में पहुंचते हैं।
तीसरी मंजिल पर आयुष, आइसोलेशन, अस्थि रोग, टीवी, प्राइवेट वार्ड तथा द्वितीय मंजिल पर बच्चों, जनरल पुरुष, महिला, वृद्धजन के लिए वार्ड बनाए गए हैं। पहली मंजिला पर आईसीयू, पुरुष व महिला सर्जिकल वार्ड सहित ओटी भी है। सभी मरीजों के पास उनकी देखरेख करने के लिए एक से दो तीमारदार भी होते हैं।
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जिला अस्पताल में लगी चारों लिफ्ट पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हैं। इस कारण ओपीडी में डॉक्टर को दिखाना हो या भर्ती मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड के लिए वार्ड से लाना या ले जाना हो, या फिर भर्ती मरीज के पास उपस्थित तीमारदारों को रोजमर्रा की जरूरतें दवा आदि लाने के लिए जीना व रैंप से ही कई-कई बार चढ़ना-उतरना पड़ता है, जो बुजुर्ग सहित युवाओं की सांस फुला रहा है।


अस्पताल में चिकित्सक ने भर्ती करने के लिए कहा है। लिफ्ट खराब होने की वजह से रैंप से ही जाना पड़ रहा है। अगर लिफ्ट सही हो जाए तो मरीजों के साथ तीमारदारों को आराम मिले।
-नरेंद्र कुमार, मरीज, रामपुर गोकुल



मेरी आंख में कुछ दिक्कत थी। सांस का भी मैं मरीज हूं। लिफ्ट बंद होने की वजह से सीढि़यों के रास्ते दूसरी मंजिल पर डॉक्टर के पास जाना पड़ा, जिससे सांस फूल गई। कुछ देर बैठकर फिर डॉक्टर के पास गया।
-रामासरे, मरीज, पिपरिया लकेसर


मुझे सांस संबंधी समस्या है। यहां चिकित्सक को दिखाने आए थे। लिफ्ट खराब होने की वजह से रैंप से पहुंचे। इस कारण बहुत परेशानी हुई। अस्पताल प्रशासन को लिफ्ट को सही कराना चाहिए।
निर्मला देवी, मरीज, ककराही



ड्रेसिंग बदलवाने के लिए जिला अस्पताल आए थे। यहां आकर पता चला कि लिफ्ट ही खराब है। व्हील चेयर से ही ऊपर ओटी तक आना जाना पड़ा। परिजनों को भी इस कारण दिक्कत हुई।
ब्रज किशोर, मरीज, डावरपुर बेहजम



नेत्र रोग विभाग में जाना है। दूसरी मंजिल पर डॉक्टर बैठते हैं। लिफ्ट बंद पड़ी है। अब धीरे-धीरे रैंप से ऊपर तक चढ़कर जाएंगे। कुछ देर सुस्ताकर फिर जाकर डॉक्टर को दिखाऊंगी।
मोहम्मदी, मरीज, खीरी

दो लिफ्ट में एक का पार्ट खराब है। उसकी मरम्मत के लिए सामान मंगाया है। दो लिफ्ट चालू हालत में हैं। अगर किसी कर्मचारी ने लिफ्ट बंद की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद

व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद

व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद

व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद

व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद

व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद

व्हील चेयर से रैंप के सहारे मरीज को ले जाते परिजन। संवाद

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