जिलास्तरीय कमेटी करेगी आपत्तियों का निस्तारण
प्रस्तावित सर्किल रेट पर प्रशासन ने सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नरेंद्र बहादुर सिंह ने आमजन से 29 अगस्त तक सुझाव या आपत्ति देने की अपील की है। इसके बाद मौका नहीं मिलेगा। सुझाव या आपत्ति सहायक महानिरीक्षक निबंधन/सहायक आयुक्त स्टांप, कलक्ट्रेट परिसर या संबंधित उप निबंधक कार्यालय में लिखित रूप से दी जा सकती है।
एडीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली, 1997 और उसके संशोधित प्रावधानों के तहत जनपद में पुनरीक्षित मूल्यांकन सूची प्रभावी की जानी है। इसकी प्रस्तावित सूची जारी की गई है। एक सप्ताह में आपत्तियों का निस्तारण कर नए सर्किल रेट लागू हो जाएंगे।
रेट बढ़ने से स्टांप शुल्क भी बढ़ेगा
सर्किल रेट बढ़ने से खरीदारों को अधिक स्टांप शुल्क देना होगा। स्टांप रेट में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन जमीन का मूल्य बढ़ने से शुल्क स्वत: बढ़ जाएगा। अभी शहरी-विकसित क्षेत्रों में जमीन खरीद पर उसके मूल्य का सात प्रतिशत स्टांप शुल्क है। यानी एक लाख रुपये की जमीन पर सात हजार रुपये स्टांप शुल्क देना होता है।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टांप शुल्क पांच प्रतिशत है। नए सर्किल रेट लागू होने के बाद जमीन खरीदने पर स्टांप शुल्क भी अधिक देना होगा।