शहर में ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने को प्रस्तावित तीन उपकेंद्रों के लिए प्रशासन से अभी जमीन की स्वीकृति नहीं मिली है। इससे नजदीकी कस्बों महेवागंज, रामापुर, और देवकली रोड पर बनने उपकेंद्र्र अधर में लटक गए हैं। बिजली विभाग ने उपकेंद्र्रों के लिए जमीन उपलब्ध कराने को प्रशासन को फिर चिट्ठी भेजी है।
अधिकारियों के मुताबिक शहर में लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग से निजात दिलाने के लिए कई माह से तीन उपकेंद्र्र प्रस्तावित हैं। जिनके निर्माण के लिए प्रशासन अभी जमीन नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। इन उपकेंद्रों के बनने से न सिर्फ शहर की बिजली क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सप्लाई में भी कोई बाधा नहीं उत्पन्न होगी। शुरू में जमीन की कमी के कारण रामापुर में बनने वाले उपकेंद्र को राजापुर में बनाए जाने की बात की गई, लेकिन राजापुर में भी विभाग को जमीन नहीं मिल पाई। देवकली रोड पर भी उपकेंद्र के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही है। जमीन की कमी के कारण उपकेंद्र के निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर नए उपकेें द्रों का निर्माण शुरू न हुआ तो शहर में लगातार बढ़ रहे बिजली लोड को संभालना मुश्किल हो जाएगा। इस समस्या के गहराने से पहले ही उपकेंद्रों का बनाया जाना जरूरी है, लेकिन जमीन की शुरूआती दिक्कत ही उपकेंद्र्रों के निर्माण में रोड़ा बन रही है। जेई मनोज पुष्कर ने बताया कि जमीन की डिमांड के लिए डिवीजन स्तर से फिर से पत्र भेजा गया है।