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कच्ची दीवार गिरी, मलबे में दबकर बालिका की मौत

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मृतक शीतल।
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फूलबेहड़ के कोरियाना गांव में बारिश के दौरान हुई घटना
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महेवागंज/ सुंदरवल। फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के कोरियाना गांव में बुधवार की सुबह बारिश के बीच छप्पर चढ़ी कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर एक आठ साल की बालिका की मौत हो गई।
कोरियाना गांव निवासी बबलू की पत्नी रंजू देवी सुबह खाना बना रही थी। पास में पड़ी कच्ची दीवार पर छप्पर के नीचे चारपाई पर उसकी आठ साल की बेटी शीतल बैठी थी। तेज बारिश के बीच कच्ची दीवार छप्पर सहित भरभरा कर गिर गई। शीतल दीवार के मलबे में दब गई। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। छप्पर और मलबे को हटाकर बच्ची को बाहर निकाला और बिजुआ अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। अचानक बच्ची की मौत से घर में कोहराम मच गया।
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फूलबेहड़ थाना प्रभारी अजय राय ने बताया कि कोरियाना गांव में बारिश से भीगी दीवार और छप्पर गिरने से आठ साल की एक बच्ची की मौत हुई है। इस मामले में पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
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पक्का घर न रत्ती भर जमीन
महेवागंज। कोरियाना गांव निवासी बबलू काफी गरीब है। उसके दो बेटियां थीं। शीतल बड़ी और कछा दो की छात्रा थी। मौत के बाद गांव में मातम है। मृतका के पिता बबलू बेहद गरीब है। न जमीन है न पक्का घर। बबलू ने बताया दो वक्त की रोटी कमाने के लिए मजदूरी ही उसका सहारा है। दूसरी छोटी बेटी पांच साल की है। लाड़ली बेटी का एडमिशन किसी अच्छे स्कूल में कराना चाहता था, पर गरीबी के कारण वह हिम्मत नहीं जुटा पाया। शीतल गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। गरीबी ऐसी कि कच्ची दीवार पर चढ़े छप्पर पर सही से फूस भी नहीं था। बबलू ने कहा कि सिर छिपाने के लिए पक्की जगह होती तो शायद आज उसकी बच्ची जिंदा होती। संवाद
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