राग मल्हार गाते शास्त्रीय गायक सत्यप्रकाश मिश्र। स्रोत: आयोजक
लखीमपुर। सांस्कृतिक संस्था अंतरध्वनि के शरद उत्सव में राग मल्हार की जुगलबंदी ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कोठी नंबर एक, राजापुर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश के कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत और गजल की प्रस्तुतियों से सुरों की महफिल सजाई। ख्याल, ठुमरी, चतुरंग और जुगलबंदी जैसी विधाओं ने श्रोताओं का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष कुंवर पीएनडी सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कानपुर से आए राघवेंद्र पाठक ने ध्रुपद गायन से संध्या की शुरुआत की। शहर के विट्ठल शर्मा ने राग जोग और गजलें प्रस्तुत कीं।
इसके बाद सिद्धार्थनगर से आए बनारस घराने के गायक सत्यप्रकाश मिश्र और साकेत मिश्र ने ख्याल गायकी की प्रस्तुतियां दीं। दोनों की राग मल्हार में जुगलबंदी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लालजी मलिक ने तबले की विभिन्न लयकारियों से अपनी कला का प्रदर्शन किया। दिनेश शर्मा और कुनाल शर्मा ने तबले पर, जबकि लखनऊ के जीशान अब्बास ने सारंगी पर संगत की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्येंद्र दुबे ने किया। अंत में संस्था अध्यक्ष कुंवर पीएनडी सिंह ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर संस्था के सचिव दीनानाथ झा, डॉ. एससी मिश्र, डीएस कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. दयानंद शुक्ल, अजमानी इंटरनेशनल स्कूल के एमडी जसमीत सिंह अजमानी और समाजसेवी मधुलिका त्रिपाठी सहित तमाम संगीत प्रेमी मौजूद रहे।