भुगतान नहीं तो गन्ना नहीं, 30 सितंबर तक भुगतान के गन्ना आयुक्त ने दिए निर्देश
जिले पर हुई गन्ना समितियों और परिषद अध्यक्षों की गन्नाधिकारियों साथ बैठक में गन्ना भुगतान का मसला जोर शोर से उठा। जहां समितियों के अध्यक्ष ने इसमें अंतर गन्ना भुगतान नहीं तो गन्ना नहीं की बात कही तो वहीं उप गन्ना आयुक्त ने पलिया चीनी मिल को सख्त लहजे में 30 सितंबर तक भुगतान न किए जाने पर गन्ना क्षेत्रफल का आवंटन कम कर देने की चेतावनी दी। इसके साथ ही कई मुददों पर सहमति भी बनी।
जिले पर मंगलवार को उप गन्ना आयुक्त की अध्यक्षता में जिले भर की समितियों, परिषदों के अध्यक्षों, चीनी मिल अधिकारियों, समिति अधिकारियों के बीच हुई बैठक में पलिया गन्ना समिति चेयरमैन विकास कपूर विक्की ने गन्ना भुगतान न होने पर नाराजगी जताई और कहा कि अगर पलिया चीनी मिल भुगतान नहीं करती है तो उसे किसान गन्ना आपूर्ति नहीं करेंगे। उन्होंने गन्ना अधिकारियों से कहा कि अगर अब वे मिल को गन्ना दिलाते हैं तो भुगतान की पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी। कहा कि भुगतान मांगने को लेकर किसान मुकदमा भी झेल रहे हैं लेकिन इसके बाद भी अंतर गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर उप गन्ना आयुक्त ने पलिया चीनी मिल को 30 सितंबर तक भुगतान कर देने की बात कहते हुए ऐसा न होने पर गन्ना क्षेत्रफल आवंटन कम करने की चेतावनी दी। चीनी मिल अधिकारियों ने कहा कि वे कोशिश करेंगे कि समय से भुगतान हो सके। यह भी कहा गया कि लोडिंग अनलोडिंग का चार्ज किसानों से नहीं लिया जाए। पलिया गन्ना परिषद अध्यक्ष अरुण मौर्या की मांग पर कहा गया कि बुवाई रेजर पर 50 प्रतिशत ही किसानों को भुगतान करना है और जिनके पास यह भी न हो तो उनको इसके लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रेसमेड फ्री देने की मांग भी की गई और इस पर उप गन्ना आयुक्त ने मिल को निर्देश दिए। किसी किसान के गंभीर बीमारी अथवा गंभीर जरूरत पर मिल को तत्काल भुगतान के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसा मिल नहीं करती हैं तो उनको फौरन ही अवगत कराया जाए।