सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) की पांच शाखाओं में ऋण वितरण में की गई अनियमितताओं की जांच पूरी हो गई है, जिसमें चार करोड़ से अधिक का घोटाला सामने आया है। इस मामले में पात्र और अपात्र किसानों की सूची तैयार की गई, जिस पर 28 दिसंबर 2015 को एडीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में विचार किया जाएगा। इसके बाद ही किसानों की कर्जा माफी का रास्ता साफ हो सकेगा। साथ ही घोटाले के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सपा सरकार ने 31 मार्च 2012 से पहले तक बैंकों से लिया गया 50 हजार रुपये तक का कर्जा माफ किया था। इसमें केवल उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से ऋण लेने वाले किसानों का ही कर्जा माफ किया गया। जिले की नौ बैंक शाखाओं के 45,992 किसानों की कर्जा माफी की जानी थी, जिसके लिए 98 करोड़ चार लाख 76 हजार 467 रुपये की डिमांड सरकार से की गई थी। कर्जा माफी के लिए तैयार की गई सूचियों की रेंडम जांच में ऋण वितरण में बड़े पैमाने गड़बड़ी सामने आई थी। करीब एक साल से मितौली, पलिया, गोला, धौरहरा और मोहम्मदी बैंक शाखाओं की जांच के बाद अब मामला फाइनल होने की कगार पर पहुंच गया है। 28 दिसंबर को एडीएम संतोष कुमार की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में एआर कोआपरेटिव मंगल सिंह, संयोजक/सीनियर ब्रांच मैनेजर बनवारी लाल, सामान्य प्रबंधक लखनऊ मुख्यालय केके श्रीवास्तव इन बैंक शाखाओं की सूची पर चर्चा करेंगे। इसमें पात्र और अपात्र नामों पर कर्जा माफी के लिए विचार किया जाएगा।
संतोष कुमार एडीएम पांच बैंक शाखाओं में जांच पूरी हो गई है। 28 दिसंबर को
सूची में शामिल पात्र और अपात्र किसानों के कर्जा माफी पर विचार विमर्श
किया जाएगा। गड़बड़ी के मामलों पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सबसे ज्यादा मितौली शाखा में हुआ घोटाला
एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी ने पांच बैंक शाखाओं में हुए घोटाले की जांच की है, जिसमें सभी बैैंकों की सूची सहित रिपोर्ट बनकर तैयार हो गई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार तीन करोड़ से ज्यादा की ऋण वितरण में घोटाला मितौली शाखा में पाया गया है। जबकि पलिया, गोला, धौरहरा और मोहम्मदी की शाखाओं में भी एक करोड़ से अधिक का घोटाला सामने आया है।
18,412 किसानों का कर्जा हुआ माफ
जिले में नौ सहकारी ग्राम विकास बैंक शाखाएं संचालित हैं, जिनमें चार बैंक शाखा लखीमपुर, बेहजम, शारदानगर और निघासन के समस्त 18,211 किसानों का कर्जा माफ हो चुका है, जबकि मोहम्मदी बैंक शाखा के आंशिक यानी 201 किसानों का कर्जा माफ किया जा चुका है। इस तरह कुल 18,412 किसानों का 39 करोड़ 31 लाख 89 हजार 322 रुपये कर्जा माफ किया जा चुका है।
27,580 किसानों को कर्जामाफी का इंतजार
सहकारी ग्राम विकास बैंक मितौली, गोला, पलिया और धौैरहरा शाखा के एक भी किसान को कर्जामाफी का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि मोहम्मदी शाखा के 201 किसानों को छोड़कर अन्य को लाभ नहीं मिला है। इस तरह कुल 27,580 किसानों को चार साल बीतने के बावजूद कर्जामाफी का लाभ नहीं मिल सका है।
नहीं मिल रहा अदेय प्रमाण पत्र और न ही ऋण
27,580 पात्र किसानों को कर्जामाफी का लाभ अब तक नहीं मिल सका है। इसके चलते किसानों को दूसरी बैंकों से लोन नहीं मिल पा रहा है और न ही सहकारी ग्राम विकास बैंक से अदेय प्रमाण पत्र निर्गत हो रहा है।
ऐसे किया गया घोटाला
स्पेशल कंपानेंट प्लान के तहत अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम से 20-20 हजार की लोनिंग की गई है, जिसमें नियम कायदे ताक पर रख बड़े पैमाने पर धांधली की गई। मसलन एक किसान के नाम पर दो से चार बार तक कागजों पर लोन वितरित दिखाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए गए। इसका खुलासा कर्जामाफी के लिए बैंकों द्वारा प्रस्तुत की गई सूचियों की रेंडम जांच में हुआ था। तत्कालीन एआर कोआपरेटिव आरके सिंह ने मितौैली बैंक शाखा में बड़े पैमाने पर घोटाला पकड़ा था, जिसके बाद डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।