मैलानी। कंधईपुर में बारह जून को हुई घटना के आठ दिनों बाद अब गांव में हालात सामान्य होने की ओर हैं। उधर, रविवार को पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंचे कुछ लोग भी वापस गांव लौट आए हैं। ग्रामीणों के आक्रोश का अंदाजा न लगा पाने की पुलिस की चूक के कारण हालात बिगड़े थे। हालांकि अब प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है। इसी से गांव में अभी पुलिस का पहरा बरकरार है और रात को पीएसी भी तैनात रहती है।
युवक बृजेश पासी का शव आरख समाज के एक घर के कमरे में फंदे से लटकता मिला था। पुलिस का कहना है कि दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकलवाया गया था। मृतक के पिता की तहरीर पर आरख समाज के राम सिंह सहित पांच के खिलाफ हत्या और एसएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। युवक का शव मिलने के बाद गांव की बहुसंख्यक आबादी पासी समाज में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से अत्यधिक आक्रोश था। इस आक्रोश को समझने में पुलिस चूक गई और पुलिस पर भी हमला हो गया।
इधर, रविवार को मुख्यमंत्री से अपना दुखड़ा सुनाने ट्रेन से लखनऊ जा रहे पासी समाज के ग्रामीणों और महिलाओं को पुलिस ने शाम साढ़े छह बजे गोला गोकर्णनाथ स्टेशन पर जबरन उतार लिया था। सोमवार को भी पुलिस ने ग्रामीणों को लखनऊ जाने से रोका था। यह भी पता चला है कि रविवार को गोला में पुलिस को चकमा देकर कुछ लोग लखनऊ चले भी गए थे और वे लोग भी सोमवार की रात ट्रेन से मैलानी आकर गांव पहुंच गए हैं, लेकिन उन लोगों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
उधर, ग्रामीणों का कहना है कि लापता बताई गईं दो महिलाएं भी गांव पहुंच गई हैं। पांच-छह दिनों पहले जहां गांव में सन्नाटा पसरा था, लोगबाग डरे सहमे दिखाई देते थे, वहीं मंगलवार को गलियों में बच्चे भी बारिश में स्नान और खेलकूद करते दिखाई दिए।