लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी के बीच शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हालत ये हैं कि प्यास बुझाने वाले सरकारी हैंडपंप खुद प्यासे नजर आ रहे हैं। नगर पालिका क्षेत्र में लगे 1382 हैंडपंपों में से करीब 100 हैंडपंप ऐसे हैं, जिन्हें रिबोर की जरूरत है। भीषण गर्मी शुरू होने के बाद भी जिम्मेदारों के कानों में जूं नहीं रेंगीं।
बताया जाता है कि एक हैंडपंप के रिबोर में करीब 55 हजार रुपये खर्च होते हैं, जबकि विभाग प्रतिदिन सिर्फ चार हैंडपंप ही ठीक करा पा रहा है।शनिवार को पड़ताल में महिला थाना, गुरुगोविंद सिंह चौक, संकटा देवी, निर्मल नगर, ईदगाह, शमशेर नगर, गोटय्याबाग, गढ़ी रोड, डीसी रोड कॉलोनी, हाथीपुर, शिव कॉलोनी, हिदायत नगर और शाहपुरा कोठी समेत कई मोहल्लों में हैंडपंप खराब मिले। कई हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा, जबकि कुछ से बालू निकल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद मरम्मत नहीं हो रही।
गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ गई है। ऐसे में राहगीरों से लेकर मोहल्लों में रहने वाले लोग तक पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। दुकानदारों का कहना है कि खराब हैंडपंपों और लो प्रेशर की वजह से कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
सड़क पर बह रहा पानी, घरों तक नहीं पहुंच रही सप्लाई
भुईफोरवानाथ मार्ग पर कई दिनों से पाइप लाइन टूटी होने के कारण सड़क पर साफ पानी बह रहा है। इससे जलभराव की स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइप लाइन से पानी बहने के कारण करीब पांच-छह घरों तक सप्लाई नहीं पहुंच रही। सुबह-शाम पानी आने के समय समस्या और बढ़ जाती है।
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शहर में हैंडपंप खराब होने की जहां भी शिकायत मिलती है, वहां टीम भेजकर नलों को ठीक कराया जाता है। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। हालांकि, टीम भेजकर इसे जल्द से जल्द सही कराया जाएगा।
-जितेंद्र सिंह, सहायक अभियंता, जलकल विभाग, नगर पालिका लखीमपुर
निर्मल नगर में गंदा पानी देने वाला नल। संवाद
निर्मल नगर में गंदा पानी देने वाला नल। संवाद
निर्मल नगर में गंदा पानी देने वाला नल। संवाद