मौसम के तल्ख तेवर से तराई क्षेत्र के लोग बिलबिला उठे हैं। लगातार बढ़ते तापमान, कड़ी धूप और लू से लोग बेहाल हैं। गर्मी के कारण लोग न तो काम कर पा रहे हैं और न आराम। दर्जनों लोग लू लगने से बीमार हैं तो सैकड़ों लोग डायरिया आदि गर्मी जनित बीमारियों के शिकार हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। बीमार लोगों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है।
सुबह से कड़ी धूप और लू के चलते लोगों का बाहर काम पर निकलना तक मुश्किल हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस बार तराई में जितनी गर्मी पड़ रही है, इससे पहले कभी नहीं पड़ी। बुजुर्गों का कहना है कि इस साल हिंदी कलेंडर में पुरुषोत्तम माह होने के कारण गर्मी की अवधि लंबी होने की आशंका है। बारिश भी देर से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। शहर में लगे प्याऊ भी लोगों की प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह सूरज निकलते ही आग उगलने लगा। यह गर्मी फील्ड वर्क करने वाले लोगों के साथ-साथ मजदूरों और रिक्शा चालकों पर भारी पड़ रही है।