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Lakhimpur Kheri News: दो शिक्षकों के सहारे सैकड़ों विद्यार्थियों का टिका भविष्य

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पलिया डिग्री कॉलेज में लगाई गई मेरिट सूची देखती छात्रा। संवाद
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पलियाकलां। श्री गुरु गोविंद सिंह राजकीय महाविद्यालय में बीए व बीकाॅम प्रथम सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। हालांकि यहां महज दो शिक्षकों के सहारे ही सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य टिका है। महाविद्यालय प्रशासन शिक्षकों की कमी से बीते कई सालों से जूझ रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।
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श्री गुरु गोविंद सिंह राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम सेमेस्टर में 420 व बीकाॅम प्रथम सेमेस्टर में 120 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए महाविद्यालय प्रशासन द्वारा काॅलेज की वेबसाइट खोली गई थी और उसी पर किए गए आवेदन के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। बताया जाता है कि अब तक बीए प्रथम सेमेस्टर के लिए करीब 375 व बीकाॅम प्रथम सेमेस्टर के लिए करीब 40 छात्र-छात्राओं ने अपने आवेदन किए हैं। प्रवेश प्रक्रिया भी बृहस्पतिवार से मेरिट सूची के आधार पर शुरू कर दी गई है।
बता दें कि कॉलेज में कई सालों से शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की तैनाती न होने के चलते नए प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य भी भगवान भरोसे दिख रहा है।
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पिछले साल आए दो शिक्षकों ने भी करा लिया तबादला

पिछले साल महाविद्यालय में इतिहास के प्रवक्ता रविभूषण सिंह व समाजशास्त्र विषय के प्रवक्ता डाॅ. राजेश कुमार यादव की तैनाती की गई थी। दोनों ही शिक्षकों ने बीती नौ जुलाई 2025 को अपने-अपने तबादले करा लिए। इसमें एक जहां फतेहपुर चले गए तो दूसरे गाजीपुर। इसके चलते फिर से यहां शिक्षकों का अभाव हो गया।


बीए के आठ व बीकाॅम के दो शिक्षकों की होनी चाहिए तैनाती

बीए व बीकाॅम में विषय के आधार पर करीब दस शिक्षकों की तैनाती यहां होनी चाहिए। इसमें आठ बीए व दो बीकाॅम के शिक्षक अनिवार्य रूप से होने चाहिए। इसके सापेक्ष यहां केवल दो ही शिक्षक तैनात हैं। इसमें एक वाणिज्य व दूसरे संस्कृत के शिक्षक हैं। ऐसे में बाकी विषयों की पढ़ाई करने में भी छात्र-छात्राओं को दिक्कतें आ सकती हैं।


अन्य स्टाॅफ का भी है टोटा

महाविद्यालय में अन्य स्टाफ का भी टोटा है। यहां दो लिपिक, तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, एक चौकीदार ही तैनात है। दो शिक्षकों को मिला दिया जाए तो कुल आठ लोगों का ही स्टाफ पूरा महाविद्यालय देख रहा है। इससे ही अंदाजा लग सकता है कि पढ़ाई किस तरीके से होती होगी।


काॅमन छात्रा हाॅल व कंप्यूटर लैब में भी लटका ताला

महाविद्यालय में स्थित काॅमन छात्रा हाॅल व कंप्यूटर लैब में भी ताला लटका हुआ है। पता चला कि जब शिक्षकों का ही अभाव है तो कौन कंप्यूटर सिखाएगा और कौन काॅमन हाॅल में जाकर छात्राओं को विषयों के बारे में जानकारी देगा। आवाजाही न होने के कारण दोनों ही जगहों पर जाने वाले रास्ते पर लंबी-लंबी घास उग आई है।


दो शिक्षक यहां पिछले वर्ष आए थे, लेकिन उनके भी तबादले हो गए हैं। शिक्षकों के लिए बराबर पत्राचार भी किया जाता रहा है। वहीं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी शिक्षकों को बढ़ाने की मांग की जाती रही है। सीमित संसाधनों के बीच शिक्षण कार्य किया जा रहा है। -डाॅ. सूर्यप्रकाश शुक्ला, प्राचार्य, राजकीय डिग्री काॅलेज, पलिया

पलिया डिग्री कॉलेज में लगाई गई मेरिट सूची देखती छात्रा। संवाद

पलिया डिग्री कॉलेज में लगाई गई मेरिट सूची देखती छात्रा। संवाद

पलिया डिग्री कॉलेज में लगाई गई मेरिट सूची देखती छात्रा। संवाद

पलिया डिग्री कॉलेज में लगाई गई मेरिट सूची देखती छात्रा। संवाद

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