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चार हत्याभियुक्तों को उम्रकैद

Fri, 04 Dec 2015 07:41 PM IST
लखीमपुर खीरी
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पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की हत्या के  मामले में एडीजे रामायण शर्मा ने चार हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। अदालत ने अपने फैसले में पीड़ित पक्षकार को भी मुआवजा देने का आदेश दिया है।
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एडीजीसी वीरेश सिंह तोमर ने अभियोजन पक्ष रखते हुए बताया कि पुरानी रंजिश के चलते नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम अटवा निवासी छोटेलाल के घर पर बिलोचापुर निवासी कमलेश और शकील उर्फ सगीर अपने साथी छोटकन्न और सेहरुआ निवासी शंकर तेली के साथ आया और धावा बोल दिया। गाली-गलौज के बीच छोटेलाल का बड़ा भाई प्रभू दयाल घर से बाहर निकला तो कमलेश ने तमंचे से उसे गोली मार दी वहीं उसके साथियों ने हंसिए से हमला कर दिया। बीच बचाव करने की कोशिश छोटेलाल ने की तो उसके हाथ पर भी हंसिए से वार कर दिया, तब इनके इरादे देख छोटेलाल भागकर घर में जा छिपा।
इधर, मौके पर ही प्रभू दयाल की हत्या करने के बाद चारों हत्याभियुक्त धमकियां देते हुए फरार हो गए। अदालती सुनवाई के दौरान छोटेलाल, हसन मोहम्मद, छोटेलाल, राधेश्याम, राजाराम, डॉ. पीके गंगवार, डॉ. बद्रीश, तत्कालीन एसओ दिनेश कुमार सिंह तथा गोवर्धनलाल की गवाही प्रस्तुत की गई।  
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अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए चारों हत्याभियुक्तों को दोषसिद्ध पाया गया। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही सभी पर अलग-अलग धाराओं में मिलाकर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है।
वादी के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू, नोटिस जारी
अदालती सुनवाई के दौरान प्रभूदयाल के सगे भाई ने अदालत में दो बार अपने बयान दर्ज कराए दोनों ही बार उसने अलग-अलग गवाही दी, पहली बार छह मार्च 2006 को उसने अदालत में मुल्जिमान की संलिप्तता की पुष्टि की तो साढ़े नौ साल बाद 25 नवंबर 2015 को अपनी गवाही से मुकरते हुए उसने सभी मुल्जिमानों को निर्दोष बताते हुए अदालत में दी गई पहले की गवाही को गलत बताया। इसे एडीजे रामायण शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए वादी के खिलाफ भी प्रकीर्ण वाद दर्ज कराते हुए 344 सीआरपीसी की नोटिस जारी की है।
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