सरसवा गांव में बनकर तैयार मनरेगा हाट बाजार- संवाद
धौरहरा। धौरहरा विकासखंड की ग्राम पंचायत सरसवा प्रदेश में चल रही आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत योजना का नया प्रतीक बन गई। सरकार की पहल से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने व व गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे हाट बाजारों की श्रृंखला में सरसवा में यह पहला मनरेगा हाट बाजार बनकर तैयार हो चुका है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल से अगले सप्ताह इसका लोकार्पण कराया जाएगा।
नवनिर्मित हाट बाजार में चार पक्के टीन शेड बनाए गए हैं। इनमें से एक पूरा शेड स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए आरक्षित है, जहां वे अपने द्वारा निर्मित उत्पादों को बेच सकेंगी। अन्य तीन टीन शेड में ग्रामीण दुकानदार अपनी दुकानें लगाएंगे। बाजार परिसर में महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है, जिससे सुविधा और स्वच्छता दोनों होगी। सरसवा के साथ-साथ महराजनगर, राजापुर भज्जा, गुदरिया, बम्हौरी सहित आस-पास के कई गांवों के लोगों को भी इस हाट बाजार से रोजगार और व्यापार का सीधा लाभ मिलेगा।
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बारिश में नहीं बदलेगा बाजार का स्थान
-गांव में हर सोमवार और बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बाजार लगती है, लेकिन बरसात के मौसम में जलभराव के चलते दुकानदारों को धौरहरा–रेहुआ मार्ग पर दुकानें लगानी पड़ती थीं। इससे जहां दुकानदारों को असुविधा होती थी, वहीं राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नए हाट बाजार के बन जाने से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
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15 लाख की लागत से बना आधुनिक बाजार
हाट बाजार के निर्माण पर मनरेगा से 12 लाख और राज्य वित्त से 3 लाख, कुल 15 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बीडीओ धौरहरा संदीप कुमार तिवारी ने बताया कि डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के प्रयासों से सरसवा में पहला मनरेगा हाट बाजार बनकर तैयार हो गया है। आने वाले सप्ताह में डीएम और सीडीओ इसे जनता को समर्पित करेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।