फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पलिया पालिकाध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज

Wed, 16 Sep 2015 12:03 AM IST
लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे पालिकाध्यक्ष पलिया के वित्तीय और प्रशानिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। अब यह अधिकार सदर एसडीएम आलोक वर्मा को दिए गए हैं। पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता पर एक ठेकेदार रमेश चंद्र मिश्रा ने अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें नगर विकास अनुभाग छह सचिव श्रीप्रकाश सिंह के पंत्राक 2865 में कहा गया है कि पालिकाध्क्ष के खिलाफ रमेश चंद्र मिश्रा के विभिन्न शिकायती पत्रों की जांच डीएम खीरी से कराई गई। जिसमें शिकायतकर्ता लोकायुक्त प्रशासन उत्तर प्रदेश लखनऊ के समक्ष परिवाद शिकायती पत्र प्रस्तुत किया। इस पर लोकायुक्त ने डीएम खीरी की जांच रिपोर्ट पर कृत कार्रवाई की आख्या उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। इसमें डीएम के पत्र द्वारा उपलब्ध कराई गई जांच रिपोर्ट देखने के बाद प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाने की बात कहते हुए कहा गया है कि इन आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया गया। 25 जून को सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया। इसमें 3 अगस्त को डीएम ने स्पष्टीकरण शासन को उपलब्ध कराया। कहा गया है कि इसमें आरोपों को सही पाया गया। पत्र के बिंदु संख्या तीन में कहा गया है कि पालिकाध्क्ष के वित्तीय एवं  प्रशासनिक  अधिकारों से तब तक विमुक्त रखा जाए जब तक लगे आरोपों से विमुक्त नहीं हो जाते। यह भी कहा गया है कि राज्यपाल यह भी निर्देश देते हैं कि कारण बताओ नोटिस पर 15 दिन के अवधि के अंदर पालिकाध्यक्ष का जवाब प्राप्त नहीं होता है तो मान लिया जाएगा कि कोई बचाव में कुछ नहीं कहना है और पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 की उपधारा दो के आधीन अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। डीएम ने पालिकाध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज करते  यह अधिकार जिले के सदर एसडीएम आलोक वर्मा को सौंपे हैं।
विज्ञापन

डीएम खीरी किंजल सिंह ने बताया कि पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता के वित्तीय अधिकारों को सीज कर दिया गया है उनके यह अधिकार अब सदर एसडीएम आलोक वर्मा के पास होंगे।
पालिकाध्क्ष पलिया केबी गुप्ता ने बताया कि मैं हरदोई आया हुआ था मुझे इस प्रकार की कोई भी जानकारी नहीं है।
ये थे आरोप
1. विद्युत सामग्री बाजार भाव से अधिक खरीदकर रुपए 10,23,110 की वित्तीय क्षति पहुंचाया जाना।
2. सफाई उपकरण के लिए ठेलिया रिक्शा के क्रय करने में रुपए 3,82,500 की वित्तीय क्षति, पेयजल के लिए तीन हजार लीटर एवं पांच हजार लीटर के वाटर टैंकर के क्रय करने में कुल रुपए 2,13,000 की क्षति पहुंचाना, एवं सोनालिका ट्रैक्टर के क्रय कराने में 51,000 रुपए की वित्तीय क्षति पहुंचाना।
विज्ञापन

3. फर्जी नियुक्तियां कर उनके नाम से वेतन आहरित कर नगर पालिका परिषद को वित्तीय क्षति पहुंचाना।
तत्कालीन ईओ ने भी दर्ज कराई थी एफआईआर
यहां तैनात रही ईओ नीलम चौधरी  ने 2 मई 2015 को पालिकाध्क्ष के खिलाफ दस्तावेजों में छेड़छाड़ आदि आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी थी। मामले में विवेचना अभी भी जारी है। हालांकि ईओ का स्थानांतरण अगस्त माह में ईटावा जनपद हो गया था और यहां ईओ का प्रभार निघासन एसडीएम पीके  सिंह देख रहे हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें