जिला अधिवक्ता संघ के लिए चल रही सियासी उठापटक शनिवार की शाम को खत्म हो गई। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हुआ, जो शाम साढ़े चार बजे तक चला। इस दौरान 1715 मतदाताओं में से 1563 वकीलों ने मतदान किया। मतदान के बाद उम्मीदवारों की उपस्थिति में मतपेटियां सील कराते हुए डबल लाक में रखवाई गई हैं।
सुबह से ही मतदान के लिए उम्मीदवार और उनके समर्थकों ने रणनीति दिखानी शुरू कर दी। सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ मतदान एक घंटे बाद ही धीमा पड़ता रहा। सुबह दस बजे के बाद माहौल में फिर गरमी आई तो 12 बजे तक मतदान के लिए वकीलों की लाइन लंबी लग गईं। दोपहर एक बजे के बाद कुछ राहत दिखी। शाम साढ़े चार बजते-बजते 1715 में से 1556 वकीलों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया।
बूथवार वोटिंग
मुख्य चुनाव अधिकारी रामनरायन त्रिवेदी ने बताया कि बूथ नंबर एक पर 193, बूथ नंबर दो पर 196, तीन पर 194, चार पर 198, पांच पर 188, छह पर 204 और सात पर 212 मतदाता वकीलों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सात मत अवैध
इस बार जिला अधिवक्ता संघ में मतदान के दौरान एक दूसरे को दिखाकर वोट डाल रहे मतदाताओं को गोपनीयता भंग करने के आरोप में सात वोटर्स के मतपत्र जब्त कर उन्हें अवैध घोषित कर दिया गया। इस तरह 1563 वोट में से 1556 वोट ही मतपेटी में पड़ पाए हैं ।
32 राउंड होगी गिनती
चुनाव अधिकारी रामनरायन त्रिवेदी ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू होने वाली मतगणना में 50-50 वोटों के राउंड बनाए जाएंगे, जो देर शाम तक मतगणना परिणाम घोषित होने तक चलेगी। चूंकि इस बार सभी पदों पर प्रत्याशी हैं लिहाजा रविवार को भी देर शाम तक ही परिणाम घोषित होने की उम्मीद है।
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14 पद पर 32 प्रत्याशी
जिला अधिवक्ता संघ कार्यकारिणी चुनाव में इस बार सभी 14 पदों पर मतदान हुआ है, कोई पद निर्विरोध नहीं होने से इस बार कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है, हालांकि अध्यक्ष और मंत्री के लिए चार-चार उम्मीदवार लाइन में हैं लेकिन दोनों ही पदों पर दो-दो प्रत्याशी हाशिए पर पहुंच गए। लिहाजा मुकाबला आमने-सामने का हो गया है।