लखीमपुर खीरी। कुछ किलोमीटर का सफर बढ़ा तो परिवहन निगम ने लखीमपुर से सीतापुर तक सात रुपये किराया बढ़ा दिया, लेकिन बसों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लखीमपुर डिपो की कई अनुबंधित बसें खस्ताहाल हैं।
यात्री, फटी सीटों और आधी-अधूरी सुविधाओं के साथ ही सफर कर रहे हैं। यह हाल तब है, जब जिम्मेदार अधिकारी निगम और अनुबंधित बसों की 31 बिंदुओं पर नियमित जांच करने का दावा करते हैं। इसके बावजूद बसों की हालत में सुधार नहीं हो रहा। सवारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि एक या दो बसों में समस्या है। सीट व अन्य व्यवस्थाएं सही कराने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएंगी।
फटी सीटें, किनारे के हैंडल में निकल आया लोहा
शुक्रवार की दोपहर 1.20 बजे लखीमपुर से सीतापुर जा रही बस की अधिकांश सीटें फटी दिखीं। सीट के किनारे पर लगे हैंडल का लोहा निकल आया था। हैंडल पर लिपटा कपड़ा व अन्य सामान गायब दिखा। लोहे का यह हैंडल लग जाने से यात्री चोटिल भी हो सकते हैं। बस में वायरिंग के तार भी खुले थे। कई तार लटक भी रहे थे। बस में बैठे यात्री ने बताया कि सुविधाओं का हाल बेहाल है।
खिड़की में लगा दिया लकड़ी का तख्ता
लखीमपुर-धौरहरा रूट की इस बस में जिम्मेदारों ने शीशा लगवाने के बजाय जुगाड़ लगाया। बस में पीछे का पेंट भी खराब हो गया है। लखनऊ जा रही एक अन्य बस की हालत भी ऐसी ही थी। बस की कई सीटें खराब दिखीं। यात्री पूरा किराया देकर, इन फटी सीटों पर बैठकर ही सफर कर रहे हैं।