हनुमान जयंती पर सुभाष पार्क से निकली कीर्तनमयी पदयात्रा, कड़ी धूप और भीषण गर्मी पर भारी पड़ी श्रद्धा
भक्ति गीतों पर खूब नाचे श्रद्धालु, जगह-जगह बांटा गया प्रसाद
बालाजी मंदिर में शाम को हुआ सुंदरकांड का पाठ और भंडारे का आयोजन
शहर के अलावा कस्बों और गांवों से भी पहुंचे श्रद्धालु
हनुमान जयंती पर शुक्रवार सुबह पुरानी गल्ला मंडी स्थित सुभाष पार्क से विराट कीर्तनमयी पदयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में शामिल श्रद्धालु ध्वज निशान लिए जय श्रीराम और बजरंग बली के जयकारे लगा रहे थे। सुबह से कड़ी धूप और भीषण गर्मी होने के बावजूद लोग श्रद्धा और भक्ति के जोश से लबरेज रहे। भक्ति गीतों की धुनों पर महिलाएं, पुरुष और बच्चे झूमते-नाचते शहर से करीब सात किलोमीटर दूर सीतापुर रोड स्थित गुलरीपुरवा के बालाजी हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां दर्शन-पूजन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। पदयात्रा के दौरान पूरा वातावरण जय श्रीराम और बजरंग बली के जयकारों से गूंजता रहा। इस पदयात्रा में शहर के अलावा गांवों और कस्बों से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
पुरानी गल्ला मंडी स्थित सुभाष पार्क से प्रारंभ हुई कीर्तनमयी पदयात्रा सदर चौराहा, इमली चौराहा से मेला-मैदान, भुईफोरवानाथ मंदिर से होते हुए संकटा देवी चौराहा, रेलवे स्टेशन से ओवरब्रिज होते हुए एलआरपी चौराहा पहुंची। यहां से पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु नाचते-गाते हुए सीतापुर रोड होते हुए गुलरीपुरवा पहुंचे। गुलरीपुरवा मंदिर पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने लंबी लाइन में लगकर बालाजी को प्रसाद चढ़ाया और उसके बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। पदयात्रा के दौरान आयोजन समिति की ओर से सजीव झांकियों का मंचन किया गया। वृंदावन से आए कलाकारों ने भक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की टोली में शामिल महिलाओं और युवाओं ने भी जमकर नृत्य किया। गुलरीपुरवा में दिनभर चले दर्शन-पूजन और प्रसाद वितरण के बाद शाम के समय आयोजन समिति की ओर से सुंदरकांड का पाठ कराया गया और इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। इस विराट कीर्तनमयी पदयात्रा के दौरान आयोजन समिति के सुधीर अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, विमल अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, संजय गुप्ता, नीरज अग्रवाल, रमाकांत मोदी, दीपक खरे, नरेश मित्तल, राजू अग्रवाल, प्रमोद, विकास समेत तमाम कार्यकर्ता दिनभर व्यवस्था बनाने और श्रद्धालुओं के सैलाब को नियंत्रित करने में लगे रहे।
अनुशासित रहे श्रद्धालु, लाइन में लगकर किया दर्शन-पूजन
लखीमपुर के सुभाष पार्क से निकली पदयात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालु पूरी तरह अनुशासित थे, कहीं पर भी आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं या पुलिस को किसी तरह की मशक्कत नहीं करनी पड़ी। गुलरीपुरवा पहुंचने के बाद श्रद्धालु आयोजन समिति की ओर से बनाई गई बेरीकेडिंग में ही लाइन में लगे रहे और बारी आने के बाद ही बालाजी का दर्शन-पूजन किया।
जगह-जगह स्टाल लगाकर प्रसाद बंटा
लखीमपुर से गुलरीपुरवा तक रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए स्टाल लगाए गए थे, जिन पर हलुवा, शर्बत, फल, ठंडे पानी के पाउच आदि बांटा गया। स्टाल लगवाने वालों में सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा, बसपा नेता और ट्रांसपोर्टर मोहन वाजपेयी, दाल व्यापारी अनिल गुप्ता, आरके चाटवाला, बजरंग ढाबा समेत तमाम व्यापारी शामिल थे। वहीं गुलरीपुरवा में रामचंद्र वर्मा की ओर से भंडारा कराया गया।
जमीन पर लेटकर पहुंचे बालाजी मंदिर
पदयात्रा के दौरान श्रद्धा के कई रंग देखने को मिले। पदयात्रियों के अलावा तमाम श्रद्धालु ऐसे थे, जिन्होंने जमीन पर लेटकर गुलरीपुरवा में बालाजी मंदिर तक की यात्रा पूरी की। श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर बालाजी की पूजा अर्चना कर हनुमान जयंती के मौके पर हर वर्ष दर्शन-पूजन करने का संकल्प लिया।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा ने किया पदयात्रा का स्वागत
हनुमान जयंती पर लखीमपुर के सुभाष पार्क से निकली पदयात्रा का गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा हाथीपुर की ओर से गुरुनानक इंटर कॉलेज के पास स्वागत किया गया। जिसमें सिख सभा के अध्यक्ष सेवक सिंह अजमानी, महामंत्री इंद्रपाल सिंह, सहायक मंत्री गुरजीत सिंह जुनेजा, सदस्य जनरैल सिंह, दिलबाग सिंह, शीतल सिंह, प्रधानाचार्य और शिक्षक शामिल थे। इस मौके पर शर्बत और पानी के पैकेट बांटे गए।
काफी संख्या में तैनात रही पुलिस
पदयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर लखीमपुर से लेकर गुलरीपुरवा तक चप्पे-चप्पे पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान खुद एसपी अखिलेश चौरसिया ने मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा एएसपी एपी सिंह, पांच सीओ, 10 एसओ, सभी चौकी इंचार्ज, करीब डेढ़ सौ से अधिक सिपाही लगाए गए थे।
हनुमान जयंती : 15 किलोमीटर और बढ़ गई सीतापुर की दूरी
लखीमपुर खीरी। हनुमान जयंती पर पदयात्रा मेें उमड़े श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रोडवेज बसों का सीतापुर का रूट डायवर्ट कर दिया गया। एआरएम वीके गोस्वामी ने बताया कि हनुमान जयंती पदयात्रा को देखते हुए बसों को छाउछ से बेहजम और उसके बाद ओयल ले जाया गया। इसकी वजह से सीतापुर की दूरी 15 किलोमीटर और बढ़ गई। बसों के रूट डायवर्ट का समय दोपहर दो बजे तक लागू रहा, लेकिन भीड़ के कारण शाम तक बसें नहीं चल पाईं। एआरएम ने बताया कि चूंकि हनुमान जयंती पर प्रति वर्ष गुलरीपुरवा तक पदयात्रा निकाली जाती है, इसलिए रूट डायवर्जन का पहले से ही निर्धारण कर दिया गया था।