लेखपाल भर्ती परीक्षा में जिले में 24,835 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन इनमें से 3,002 ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह 21 हजार 483 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को प्रतिशत 86.50 रहा। शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था रही। डीएम किंजल सिंह ने खुद सभी केन्द्रों पर जाकर व्यवस्था का जायजा लिया।
डीएम किंजल सिंह और एसपी अरविंद सेन ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित परीक्षा कराने के लिए रविवार को सुबह से ही परीक्षा केन्द्रों का जायजा लेकर पूर्व नियोजित व्यवस्थाओं को चेक किया। डीएम के निर्देश पर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर परीक्षा केन्द्रों के मार्ग दर्शन के लिए डिस्पले बोर्ड लगाए गए थे, जिस पर परीक्षा केन्द्र का नाम, स्थान, अनुक्रमांक, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट का नाम और सेल नंबर तथा पर्किंग स्थल दर्शाया गया था, जिससे लोगों ने काफी सुविधा महसूस की। परीक्षा देने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एक साथ परीक्षा केन्द्रों से बाहर निकले और मिली ऑसर शीट मिलाते दिखे।
दुरुस्त रही व्यवस्था
डीएम किंजल सिंह ने शनिवार की शाम को ही परीक्षा में लगे अधिकारियों के साथ बैठक कर बिंदुवार समीक्षा कर ली थी। उन्होंने हर केन्द्र पर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की थी, जिसमें एसडीएम, तहसीलदार और जिलास्तरीय अधिकारी लगाए गए। पुलिस महकमे से एसपी के निर्देशन में एएसपी, सीओ के अलावा सर्किल के सभी थानों के एसओ लगाए गए थे।
ये नहीं दे पाए परीक्षा
परीक्षा केन्द्र पर अभ्यर्थी को अपना पासपोर्ट साइज फोटो लेकर आना था, लेकिन तमाम अभ्यर्थी बिना फोटो आ गए, जिन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ा।
बस अड्डे पर खड़े रहे एआरएम
स्थानीय रोडवेज डिपो पर गोला डिपो की 10 बसें अतिरिक्त लगाई गईं थीं। इसके अलावा लखीमपुर डिपो से बसों के फेरे बढ़ाए गए। रोडवेज बस अड्डे पर व्यवस्था की कमान एआरएम वीके गोस्वामी ने संभाल रखी थी। वह खुद खड़े होकर बसों का संचालन कर रहे थे।
ये रही व्यवस्था
1. डिस्प्ले बोर्ड : परीक्षा केन्द्र, अनुक्रमांक सहित।
2. पांच हेल्प डेस्क।
3. कंट्रोल रूम।
4. हर केन्द्र के निकट पार्किंग।
5. मेडिकल कैंप।
6. सेलफोन और अन्य सामान रखने के लिए क्लाक रूम।
7. प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस व्यवस्था।