बांकेगंज। किशनपुर अभयारण्य के मड़हा वन ब्लॉक में पिछले पांच दिन डेरा डाले सात हाथी नकुला के रास्ते जटपुरा बीट के करीब पहुंचे। निगरानी टीमों की नाकेबंदी के चलते वे वापस जंगल की ओर कूच कर गए। उधर फसल क्षति नुकसान का सर्वे होने पर किसानों को राहत मिली है।
मड़हा में डेरा डाले सात हाथियों ने बृहस्पतिवार शाम जंगल से नकुला चौराहा होते हुए आबादी से सटे बरौंछा,पहाड़नगर,भूड़ गांवों की ओर अपने कदम बढ़ाए। इस बीच बफरजोन और कोरजोन की चार निगरानी टीमों में शामिल 16 वन कर्मियों ने शोर मचाकर, पटाखा दागकर और पीपे बजाकर उन्हें खदेड़ दिया। हाथियों ने अलग-अलग रास्तों से फसलों में घुसने की कोशिश की,लेकिन कामयाबी नहीं मिली। खदेड़ने से गुस्साए हाथियों ने आबादी के किनारे कई पेड़ जड़ से उखाड़ डाले। इसके बाद झुंड बड़ी नहर पार कर कुरियानी बीट आबादी के पास पहुंचा। यहां भी फसलों नुकसान पहुंचाने से पहले ग्रामीणों और टीमों ने खदेड़ दिया। निगरानी टीमों के मुताबिक शुक्रवार हाथियों की लोकेशन मड़हा जंगल में मिली है।
वर्जन
मैलानी रेंज में हाथियों से किसानों की फसलों की क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। मुआवजा धनराशि जल्द ही उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से हिंसक वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
- कीर्ति चौधरी, डीएफओ, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन।
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