पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में मृत मिले हाथी का शव दफना दिया गया। पोस्टमाॅर्टम में उसकी मौत आपसी संघर्ष में लगी गंभीर चोटों के कारण होना पाया गया है।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के मानकों के तहत फील्ड डायरेक्टर एच. राजा मोहन की मौजूदगी में विशेषज्ञों के पैनल ने पोस्टमाॅर्टम किया। पैनल में पीलीभीत के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार खरवार, दुधवा के डॉ. मो. तलहा, पलिया के डॉ. वीर बहादुर सिंह और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी रोहित रवि शामिल रहे।
पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि दूसरे हाथी के बड़े दांत पेट में गहराई तक धंसने से आंतरिक अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जो मौत का कारण बना।
रविवार को वन विभाग की गश्ती टीम को कक्ष संख्या-1 में हाथी का शव मिला था। उसके पेट पर गहरे घाव के निशान थे। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से 29 हाथियों का झुंड मौजूद था और मृत हाथी उसी दल का हिस्सा था। शनिवार को अमला ताल के पास देखे जाने के दौरान वह पूरी तरह स्वस्थ था।