डीएम किंजल सिंह के प्रयासों से थारू महिलाओं के सपनों को पंख लगे हैं। उन्हीं में से एक नाम आरती राना का है जो थारू ग्राम गोबरौला में अपने घर पर ही हथकरघा उद्योग चलाती हैं और इसी के माध्यम से वह थारू हस्तशिल्प का परिचय भी दे रहीं हैं। इतना नहीं इस उद्योग में न जाने कितनी महिलाओं को रोजगार मिल रहा है और वे आत्मनिर्भर हो रहीं हैं।
आरती राना ने गौतम महिला स्वयं सहायता समूह के नाम से लगभग दो हजार महिलाओं का एक ग्रुप बना रखा है। इसमें थारू महिलाएं अपने घरेलू कामों को निपटाकर खाली समय में एक जगह एकत्र होकर वस्तुओं को बनाती है। अभी गोवा में आठ से 17 जनवरी तक चले गोवा फेस्टिवल में आरती राना ने अपने स्वनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगायी और यहां पर उनके उत्पादों को गोवा के मुख्यमंत्री ने भी खूब सराहा। आरती ने बताया कि दरियों, थारू डलवा, टोकरी, फल और रोटी टोकरी, थारू बैग आदि भी खूब बिके। आरती बताती हैं कि उन्होंने गोवा में करीब 1.75 लाख रुपये का माल बेचा। इसमें करीब एक लाख रुपये का मुनाफा हुआ। वह इससे काफी खुश हैं।
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डीएम ने पहुंचाया है इस मुकाम पर
आरती कहती हैं कि वह हथकरघा उद्योग काफी अर्से से चला रहीं हैं यहा बनने वाले उत्पादों की बिक्री कोई खास नहीं थी और जो थी भी वे काफी कम दाम में थी जिससे आय नहीं बढ़ पा रही थी। डीएम ने उनके उद्योग को वहां पहुंचाया जहां उन्होंने कभी सोचा नहीं था।