लखीमपुर खीरी। कई दिनों से चली आ रही पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है, लेकिन जिले के सभी हिस्सों में हालात एक जैसे नहीं हैं। शहर के पेट्रोल पंपों पर रविवार को स्थिति सामान्य रही, जबकि ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में कई पंप अब भी सूखे पड़े हैं।
बताया जा रहा है कि रविवार को डिपो पर अवकाश होने के चलते कई पंपों तक लोड नहीं पहुंच सका, जिससे वहां संकट बना रहा। आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को जिले में 471 किलोलीटर पेट्रोल और 1201 किलोलीटर डीजल की बिक्री हुई थी। शनिवार को 285 पेट्रोल पंपों पर 689 किलोलीटर डीजल और 368 किलोलीटर पेट्रोल की बिक्री दर्ज की गई।
जिला पूर्ति अधिकारी अंजनि कुमार ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और लगातार पंपों की निगरानी की जा रही है। पंपों के लिए बिक्री की सीमा तय की गई है। यदि कोई पंप तय सीमा से अधिक बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिले में वर्तमान में 2541 किलोलीटर डीजल और 1885 किलोलीटर पेट्रोल का स्टॉक उपलब्ध है।
सिकंदराबाद क्षेत्र के अमेठी फिलिंग स्टेशन पर स्टॉक खत्म हो गया है। यहां सोमवार को तेल आने की संभावना जताई जा रही है। बताया गया कि डिपो बंद होने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई।
बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर हालात सामान्य हो गए हैं। दो दिन की भारी भीड़ के बाद रविवार को पंपों पर कहीं भी लाइन नहीं दिखी। लोग आसानी से पेट्रोल-डीजल लेते नजर आए। स्थिति पर नजर रखने के लिए बांकेगंज और कुकरा पुलिस लगातार क्षेत्र में भ्रमण करती रही।
तिकुनिया क्षेत्र में संकट अब भी बना हुआ है। किसान सेवा फिलिंग स्टेशन पर तेल खत्म होने के कारण मशीनों को ढक दिया गया है। शनिवार शाम चार बजे से यहां बिक्री बंद है। पंप मालिक राधेश्याम गर्ग ने बताया कि टैंकर आने पर ही आपूर्ति शुरू हो सकेगी। जरूरतमंदों को सीमित मात्रा में ही तेल दिया जा रहा है और इमरजेंसी के लिए कुछ स्टॉक सुरक्षित रखा गया है।
हालांकि बॉर्डर क्षेत्र के बनवीरपुर रायपुर और अग्रवाल फिलिंग स्टेशन पर ग्राहकों को तेल मिल रहा है। इधर, गैस आपूर्ति को लेकर छोटे कारोबारियों की चिंता अभी भी कम नहीं हुई है। हालांकि बुकिंग और वितरण जारी है, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति को लेकर असंतोष बना हुआ है।