दिन भर मची हाय तौबा के बाद चेता प्रशासन
शाम को देखे गए मरीज, हुआ पोस्टमार्टम
स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से जिला अस्पताल में दिन भर इलाज को लेकर हाय तौबा मची रही। मरीज इमरजेंसी के बरामदे में तड़पते रहे, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों को उन पर दया नहीं आयी। अंतत: डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ से नाराजगी जाहिर की तो आनन फानन में वैकल्पिक इंतजाम कर इमरजेंसी को चालू करवाने के साथ पोस्टमार्टम भी शुरू हो गया।
मंगलवार को हड़ताली कर्मचारियों ने दबाव बनाने के लिए इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवाएं भी बंद रखीं, जिससे दूर दराज से इलाज के लिए आए मरीज लौट गए। वहीं इमरजेंसी सेवा बंद होने से सीरियस मरीज भी तड़पते रहे। शाम तक जब इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवा चालू नहीं हुुई तो मरीज और शव के साथ आए परिवारीजनों का सब्र टूट गया और लोगों ने डीएम आवास पहुंचकर इसकी शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमओ से पोस्टमार्टम सेेवा शुरू कराने के निर्देश दिए। वहीं इमरजेंसी सेवा शुरू कराने के लिए एसडीएम सदर को जिला अस्पताल भेजा। एसडीएम सदर ने जिला अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी सेवा शुरू करवा दी। कर्मचारियों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने धरने के लिए लगाया गया पंडाल भी गिरा दिया।
कई इमरजेंसी मरीज आ गए थे, जिन्होंने शिकायत की थी। इसलिए इमरजेंसी सेवा शुरू करवाई गई है। पंडाल जिला प्रशासन ने नहीं गिरवाया है।
-सैमुअल पाल, एसडीएम सदर
-इमरजेंसी के साथ पोस्टमार्टम सेवा शाम को शुरू करवा दी गई है।
डॉ.जावेद अहमद, सीएमओ