लखीमपुर खीरी। शहर में सड़क किनारे खुले नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। इन नालों में साइकिल, बाइक, कार और ई-रिक्शा सवारों के गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद कई जगह सुरक्षा के लिए लोहे के जाल या बैरिकेडिंग नहीं कराई गई है।
रात में स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है। अब जिम्मेदार अधिकारी जल्द नालों पर स्लैब और आवश्यक स्थानों पर लोहे के जाल लगवाने की बात कह रहे हैं।
शहर के कई इलाकों में नाले सड़क के बिल्कुल किनारे हैं। कहीं नाले खुले पड़े हैं तो कहीं पुराने स्लैब पड़े हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा के लिए न बैरिकेडिंग है और न चेतावनी बोर्ड। ऐसे में राहगीरों और वाहन चालकों को संभलकर गुजरना पड़ता है।
मिश्राना निवासी मनीष तिवारी और सौरभ सिन्हा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में खुले नालों और नहर के कारण छोटे-छोटे अनगिनत हादसे हो चुके हैं। इनमें तमाम लोग घायल हुए हैं। कई घटनाओं में दोपहिया वाहन नाले में गिर गए। कार सवार और ई-रिक्शा भी हादसे का शिकार हुए हैं।
रामनगर नहर पटरी अंबुज गुप्ता व विनय मिश्रा का कहना है कि हादसे के बाद कुछ समय के लिए अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करते हैं। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। नालों की स्थिति जस की तस बनी रहती है।
खुले नालों का खतरा रात में कई गुना बढ़ जाता है। कई जगह स्ट्रीट लाइट पर्याप्त नहीं हैं। अंधेरे में सड़क और नाले के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता। तेज रफ्तार या सामने से आ रहे वाहन के कारण चालक का ध्यान भटकने पर हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, डीसी रोड, नहर पटरी, मुक्तिधाम, मेला रोड आदि जगहों पर नाले सड़क से बिल्कुल सटे हैं। वाहन चालकों के पास बचने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है।
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इन जगहों पर बना हुआ है खतरा
अस्पताल रोड से नई बस्ती जाने वाला मार्ग : यहां सड़क किनारे बड़ा नाला है। नाले पर स्लैब पड़ा है, लेकिन पुलिया नहीं बनी है। इससे बाइक सवारों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है।
सौजन्या चौक से डीएम बंगले का मार्ग : इस रास्ते पर बड़ा नाला खुला पड़ा है। सुरक्षा के लिए कहीं भी लोहे का जाल नहीं लगाया गया है। यहां आए दिन लोगों और जानवरों के गिरने की स्थिति बनती है।
मुक्तिधाम के पास खतरा : घोसियाना मार्ग पर मुक्तिधाम के सामने पुलिया के पास सड़क खतरनाक है। फुटपाथ नहीं होने और बगल में नहर होने से जरा सी चूक पर वाहन नहर में गिर सकता है।
मेला रोड से सेठघाट मार्ग : पुलिया के पास नाला खुला और काफी गहरा है। थोड़ी सी असावधानी वाहन सवारों के लिए भारी पड़ सकती है।
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कोषागार के पास खुला नाला : अधिवक्ताओं और अन्य लोगों के वाहन जहां खड़े होते हैं, वहां भी नाला खतरनाक तरीके से खुला है। सुरक्षा इंतजाम न होने से कभी भी हादसा हो सकता है।
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कब और कहां हुई घटनाएं
फरवरी 2024 : नहर में कार पलटी।
अप्रैल 2025 : नहर में ई-रिक्शा पलटा।
जुलाई 2025 : नहर में बाइक सवार गिरा।
मई 2026 : डीसी रोड नाले में छुट्टा पशु गिरा।
जून 2026 : डीसी रोड नाले में स्कूटी सवार छात्रा गिरी।
पालिका की ओर से कार्य का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही नालों पर स्लैब डालने के साथ आवश्यक स्थानों पर लोहे के जाल लगवाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। पालिका के अनुसार, ऐसे स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। चरणबद्ध तरीके से काम कराया जाएगा। इससे खुले नालों से होने वाले हादसों का खतरा कम करने की कोशिश की जाएगी।
- संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका, लखीमपुर
डीसी रोड पर खुला नाला। संवाद
डीसी रोड पर खुला नाला। संवाद