लखीमपुर खीरी। उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर में संचालित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण प्रस्ताव तक सीमित रहा। नए भवन निर्माण के लिए दो साल पहले प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसको आज तक मंजूरी नहीं मिल सकी। इससे स्टाफ में काफी मायूस है।
मृदा परीक्षण प्रयोगशाला उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर के एक छोटे वह जर्जर हाल में संचालित है। बारिश में यह भवन टपकता है, जिसके चलते स्टाफ को मिट्टी जांच के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का खुद भवन है, इसके लिए आज से डेढ़ साल पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया था।
करीब 2.42 करोड़ में नई प्रयोगशाला बनाने का प्रस्ताव था। उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन डेढ़ साल से अधिक हो गया, लेकिन मंजूरी तो दूर आज तक कोई चर्चा तक नहीं हो सकी। उपकृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि प्रयोगशाला निर्माण से संबंधित अभी कुछ आया नहीं है। शासन में इसकी जानकारी की जाएगी। प्रयोगशाला निर्माण की अगर मंजूरी मिलती है, परिसर में ही इसको बनवाया जाएगा।