बीईओ ने जब जारी नहीं किया कोड, तो स्कूल पर ताला डाला
नकारा को कुकरा समझकर कस्बे में कुकरा/ बांकेगंज नाम से खोला गया राजकीय हाईस्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। छह माह तक यह स्कूल बिना यू डायस कोड के ही चलता रहा। बांकेगंज ब्लाक के बीईओ विनोद गौतम ने जब संबधित स्कूल का ऑन लाइन यू डायस कोड जारी नहीं किया तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों के होश उड़ गए। विभागीय अधिकारियों को जब इस बड़ी चूक का अहसास हुआ तो उन्होंने आनन-फानन में पिछले शुक्रवार को स्कूल पर ताला डाल दिया और उसमें पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकार में ढकेल दिया।
नाराज अभिभावकों ने स्कूल बंद होने के बावत जानकारी जब बीईओ विनोद गौतम को दी तब इस बात का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि बांकेगंज कस्बे में राजकीय हाईस्कूल खुलने की कोई सूचना उनके पास नहीं थी। जुलाई 2016 में डीआईओएस के आदेश पर प्रिंसिपल वीरेश चंद्र वाजपेयी ज्वाइनिंग लेटर लेकर कुकरा/ बांकेगंज नाम से स्कूल खोलने के लिए आए। चूंकि ब्लाक में सन 2012 में एक राजकीय हाईस्कूल यू डायस कोड 09231508803 से संचालित था। जिसके चलते नए स्कूल को ऑन लाइन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी जब उन्होंने डीआईओएस को दी तो उन्होंने बच्चों के दाखिले के लिए एक कक्ष उपलब्ध कराने की बात कही। वहीं स्कूल खुलने के छह माह बाद भी जब कुकरा/ बांकेगंज राजकीय हाईस्कूल का कोड जारी नहीं हुआ तब अफसरों को अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने आनन-फानन में स्कूल बंद कर यहां पढ़ रहे बच्चों को कस्बे के जेडी इंटर कॉलेज से संबद्ध कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इससे इसमें तालीम ले रहे 31 विद्यार्थियों का भविष्य चौपट हो गया।
सबसे ज्यादा दिक्कत छात्राओं को है, जिन्होंने कस्बे में स्कूल खुलने पर तालीम शुरू की थी। तमाम छात्राएं सामाजिक सुरक्षा के डर से दूर-दराज के स्कूलों में जाने से डरतीं है। अभिभावक भी उन्हें इसकी इजाजत देने से कतराते है। शिक्षा विभाग की गलती का खामियाजा मासूम विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
बांकेगंज कस्बे में कुकरा/ बांकेगंज राजकीय हाईरस्कूल का यू डायस कोड प्रासेस में चल रहा है। यू डायस कोड मिलते ही कार्रवाई शुरू होगी। - डॉ ओपी गुप्ता, डीआईओएस, खीरी।